पाकिस्तान के गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से रवाना हुए पहले इंटरनेशनल नगर कीर्तन का अटारी सड़क सीमा पर पहुंचने पर खालसाई जयकारों और फूलों की बारिश के साथ स्वागत किया गया। गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की ताबियां बैठे मुख्य ग्रंथी भाई प्रेम सिंह प्रेम ने दोनों देशों को विभाजित करती वाघा-अटारी सड़क सीमा पर गुरु महाराज को श्री हरमंदिर साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मल सिंह के सिर पर सुशोभित किया।
पाकिस्तान के ननकाना साहिब से नगर कीर्तन भारत पहुंचा, अटारी बॉर्डर पर भव्य स्वागत, देखिए तस्वीरें
अटारी सीमा पर खड़े गण्यमान्यों ने गुरु महाराज की सवारी पर फूलों की बरसात की। नगर कीर्तन के अटारी सीमा पर पहुंचते ही गायक सुखविंदर सिंह द्वारा गए गए शबद गूंजने लगे। अटारी सीमा पर स्थित स्वर्ण जयंती द्वार में पहले से मौजूद पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को विराजमान किया गया।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की ताबियां ज्ञानी मल जी बैठे। श्रद्धालुओं ने स्वर्ण जयंती की पहली मंजिल में खड़े होकर फूलों की बरसात की। शिअद के अध्यक्ष और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने इंटरनेशनल बॉर्डर से लेकर पालकी साहिब तक के रास्ते में फूल बिछाए। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पंज प्यारों के साथ-साथ नगर कीर्तन में शामिल हुईं।
वहीं पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की चौर साहिब की सेवा कर रहे ग्रंथी सिंह के साथ चल कर फूल बरसाए। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए आए मंत्री ओम प्रकाश सोनी, सुखजिंदर सिंह सरकारिया और सांसद गुरजीत औजला समेत अलग-अलग पार्टियों के नेता श्रद्धालुओं की तरह अटारी सीमा पर पहुंचे थे। अटारी सड़क सीमा पर पंजाब पुलिस की एक टुकड़ी ने नगर कीर्तन को सलामी दी।
बीएसएफ ने अटारी सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए बहुत कम लोगों को प्रवेश की अनुमति दी थी। सीमा सुरक्षा बल के काफी जवान अटारी सीमा पर नगर कीर्तन की सुरक्षा में तैनात थे। अटारी सीमा से कस्टम गेट तक के 500 मीटर के रास्ते के बाहर लाखों की संख्या में श्रद्धालु नगर कीर्तन के स्वागत के लिए बारिश में ही खड़े रहे।
इस रास्ते को पार करने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। अलग-अलग निहंग संगठनों के हजारों सदस्य अपने परंपरागत वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्रों और घोड़ों पर नगर कीर्तन के स्वागत के लिए पहुंचे थे। अटारी सीमा से लेकर श्री हरमंदिर साहिब के रास्ते के दोनों तरफ श्रद्धालु सत नाम वाहेगुरु का जाप कर रहे थे। अटारी सड़क सीमा से नगर कीर्तन नगाड़ों की गूंज के साथ रवाना हुआ।
पांच हजार से अधिक स्कूली बच्चे भी इस नगर कीर्तन में शामिल हुए। नगर कीर्तन के आगे स्कूली बच्चे बैंड-बाजे के साथ शामिल हुए। गतका पार्टियों ने सिख मार्शल आर्ट्स के करतब दिखाए। पंजाब पुलिस और शहर की कई बैंड पार्टियों ने शबद की धुन बजाकर नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर कीर्तन सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में विश्राम कर शुक्रवार को निर्धारित रूट के लिए रवाना हो जाएगा।
इंटरनेशनल नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए गए 508 श्रद्धालुओं में से केवल 15 श्रद्धालुओं को ही नगर कीर्तन के साथ अटारी सीमा पर प्रवेश की अनुमति दी गई। इनमें एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा, तख्त श्री पटना साहिब के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह हित, तख्त श्री हजूर साहिब के पूर्व अध्यक्ष एचएस पसरीचा, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह सहित सभी तख्तों के जत्थेदार और श्री हरमंदिर साहिब के सिंह साहिबान शामिल थे। बाकी सभी श्रद्धालुओं को पाकिस्तान वाघा सीमा पर अपनी औपचारिकता पूरी करने के बाद वतन लौटना पड़ा।