देश का ‘बुलेट ट्रेन’ का सपना पूरा होने जा रहा है। भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट, पहली हवाई ट्रेन तैयार है, देखकर हवाई जहाज भूल जाएंगे।
भारत की ‘बुलेट ट्रेन’ तेजस नए बदलावों के साथ यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए लगभग तैयार है। तेजस जहां हवा से बातें करेगी, वहीं अंदर मखमली सीटों पर यात्री ‘गुड फील’ करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट तेजस के दूसरे रैक की तैयारी मुकम्मल होने वाली है। इन नए बदलावों को देखने के लिए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी आरसीएफ पहुंचे हए हैं।
उन्होंने कोच में यात्री सुविधाएं के नए बदलावों को लेकर अफसरों से लंबी मंत्रणा की और फिर फैक्टरी में निर्माण कार्यों का जायजा लिया। आरसीएफ कपूरथला में तेजस की एक रैक तैयार हो रही है। जिसमें 13 चेयर कार, 3 एग्जीक्यूटिव पावर कार समेत 19 कोच शामिल होंगे। इनका निर्माण अंतिम चरण में हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मई के मध्य में इन्हें नॉर्दर्न रेलवे को रवाना कर दिए जाएंगे। लेकिन अभी इनकी रवानगी की तिथि तय नहीं हैं।
कोच में ये होंगे बदलाव
अब इन कोच में यात्री मखमली सीटों का लुत्फ उठाएंगे। इन्हें ई-लेदर से रिप्लेस किया गया है। जबकि पहले मैन्यूअल कर्टन थे, अब विंडो इनबिल्ट कर्टन होंगे। जिससे यात्रियों को प्रोफेशनल ऑफिस जैसा महसूस होगा। इसके अलावा हाइड्रोलिक डोर को आटोमेटिक में परिवर्तित किया गया है। बाकी सुविधाएं पहले जैसी ही हैं।
कोचों का किया मुआयना
चेयरमैन अश्विनी लोहानी को वर्कशाप में कोच निर्माण की बारीकियों से अवगत करवाया गया। उन्होंने शीट मैटल शाप, शैल असेंबली शॉप,पेंट शॉप में निर्मित कोचों का मुआयना किया। फिर फर्निशिंग शॉप में नई यात्री सुविधाओं से सुसज्जित तेजस तथा अन्य कोचों की जांच की। उन्होंने मशीनों व कोचों पर काम करने वाले श्रमिकों से बातचीत की तथा उनके काम को सराहा।