लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे मौजूदा तनाव के चलते हुए अब थल और वायु सेना पहले से भी ज्यादा युद्ध जैसे माहौल में अभ्यास करेगी।
एयरफोर्स अपने लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ एलएसी पर नाइट ऑपरेशन भी शुरू कर चुकी है। वहीं, वेस्टर्न एयर कमांड के तमाम एयरबेस पर भी युद्धाभ्यास और तेज करने के आदेश दे दिए गए हैं। उधर, वायुसेना प्रमुख ने एयरफोर्स के बेड़ों को तैयार रखने को कहा है। एलएसी पर एक वारगेम के साथ आर्मी की अग्रिम चौकियों और फॉरवर्ड एयरबेस पर युद्ध सरीखे रणनीतिक ढंग से तैयारियां की जा रही है।
हालांकि, चीन ने गलवां घाटी से अपनी सेना को कुछ पीछे जरूर किया है, लेकिन ड्रैगन की चालबाजियों को लेकर भारतीय सेना पूरी तरह सजग है। इसलिए वायुसेना अपने घातक लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर पहले ही एलएसी पर तैनात कर चुकी है। अभी तक वहां इन विमानों द्वारा दिन में एक्सरसाइज की जा रही थी, लेकिन अब घातक विमानों और हेलीकॉप्टरों ने नाइट ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है।
एयरफोर्स के पास अब रात को भी दुश्मन के दांत खट्टे करने का मादा रखने वाला खतरनाक अपाचे एएच-64 ई लड़ाकू हेलीकॉप्टर भी है। रात में आंधी, तूफान या भारी बारिश क्यों न हो, अति दुर्गम पहाड़ियों के बीच अपाचे दुश्मन के अड्डों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है। इसलिए मिग-29 के साथ अपाचे भी एलएसी पर रात में लगातार एक्सरसाइज करेगा। दूसरी ओर, आर्मी ने भी एलएसी पर पैराट्रूपर्स के साथ एक्सरसाइज शुरू कर दी है। एलएसी के कुछ दुर्गम इलाकों में इसी युद्धाभ्यास के चलते सेना के जांबाजों ने पैराड्रॉपिंग भी की।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने वेस्टर्न एयर कमांड के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वायुसेना बेड़ों को तैयार रखा जाए। विभिन्न एयर कमांड के आला अफसरों से बातचीत करते हुए भदौरिया ने मौजूदा सुरक्षा माहौल का जायजा लिया। उन्होंने एयरफोर्स की ऑपरेशनल तैयारियों और फॉरमेशन पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन संबंधी क्षमताओं को बढ़ाने व मौजूदा विकट परिस्थितियों में मिशन को कैसे कामयाब बनाया जाए इत्यादि बिंदुओं पर अफसरों से बातचीत की।