दुश्मनों के खिलाफ इंडियन एयरफोर्स अब और ज्यादा खूंखार होगा। ऐसा खतरनाक हथियार मिल गया है, जो न केवल कहर बरपाएगा बल्कि दुश्मनों का खात्मा करके ही सांस लेगा।
आस्ट्रेलिया में रॉयल आस्ट्रेलियन एयरफोर्स की ओर से 16 देशों की मल्टी नेशनल वारफेयर एक्सरसाइज ‘पिच ब्लैक’ में भाग लेने के बाद इंडियन एयरफोर्स अब अमेरिका की मदद से अपनी ताकत को और निखारेगी। इसके लिए भारतीय वायुसेना ने अमेरिका की एयरफोर्स के साथ वारफेयर एक्सरसाइज शुरू कर दी है। ये संयुक्त युद्धाभ्यास 14 दिसंबर तक चलेगा। इस ज्वाइंट वॉरफेयर को लेकर इंडियन एयरफोर्स के चीफ एयर मार्शल बीएस धनोआ भी काफी उत्साहित है।
ऐसा पहली बार हो रहा है कि इस ज्वाइंट वारफेयर एक्सरसाइज के लिए दो एयरफोर्स स्टेशन कलाइकुंडा और पानागढ़ को चुना गया है। एक आला अफसर ने बताया कि अमेरिकी एयरफोर्स के साथ ये एक्सरसाइज न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत को और निखारेगी, बल्कि ऑपरेशनल क्षमता का भी बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि इस एक्सरसाइज को दुश्मन देश पर जवाबी कार्रवाई के विभिन्न प्रारूपों में तय किया गया है, जो कि बेहद खतरनाक होगी।
दोनों एयरफोर्स स्टेशनों पर अलग-अलग दिनों में इन्हीं प्रारूपों के तहत पूरी क्षमता के साथ युद्धाभ्यास किया जाएगा। बुधवार को वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने भी इस वारफेयर एक्सरसाइज का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि इससे इंडियन एयरफोर्स की कार्यप्रणाली सुधरेगी। साथ ही दोनों देशों की वायुसेना की सर्वोत्तम युद्ध कलाओं में काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा। वायुसेना प्रमुख ने वारफेयर में भाग लेने वाले कर्मियों से अपने पेशेवर दृष्टिकोण को और विकसित करने का आह्वान किया।
ये लड़ाकू विमान वारफेयर में ले रहे हिस्सा
इस वॉरफेयर में यूएस एयरफोर्स के लड़ाकू विमान एफ-15 और सी-130 भाग ले रहे हैं। जबकि इंडियन एयरफोर्स के 40 से अधिक लड़ाकू विमान इस एक्सरसाइज का हिस्सा बनेंगे। जिसमें सुखोई- 30 एमकेआई, मिराज -2000, जगुआर, आईएल -78, सी-130 जे, एडब्ल्यूएसीएस और एयूई विमान शामिल होंगे।