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पठानकोट आतंकी हमलाः 3 बड़े खुलासे, जिद पर अड़ गए थे NSG कमांडो, तो उठाना पड़ा था जोखिम
Fri, 04 Jan 2019 09:11 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 04 Jan 2019 09:11 AM IST
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पठान कोट हमला
- फोटो : PTI
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पठानकोट में एयरबेस पर 2016 में हुए आतंकी हमले को लेकर एयरफोर्स के एक अफसर ने कई खुलासे किए हैं, जिनका सीधा कनेक्शन गरुड़ कमांडो और एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो से है।
पठानकोट हमला
- फोटो : Reuters
एयरफोर्स स्टेशन पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के हमले के बाद एयरफोर्स के गरुड़ कमांडो और एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो ने मोर्चा संभाल रखा था। 400 मीटर से शुरू हुई आतंकियों की घेराबंदी 40 मीटर तक पहुंच चुकी थी। इसी दौरान आतंकियों के हमले में एनएसजी कमांडो घायल हो गए तो एयरफोर्स ने कमांडो को पीछे हटने के लिए कहा ताकि वह एमआई 35 से हमलाकर सकें मगर कमांडो अड़ गए और पीछे हटने से इनकार कर दिया।
Pathankot airbase attack
- फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ की शुरुआत अंबाला के जाबांज गरुड़ कमांडो कारपोरल गुरसेवक की टीम से हुई। घायल होने के बावजूद गुरसेवक लगातार आतंकियों पर गोलियां बरसाता रहा। लेकिन अचानक वह शहीद हो गया। चारों आतंकी एयरफोर्स के डिफेंस सिक्योरिटी कोर की ओर बढ़ने लगे। तभी अचानक एक आतंकी का सामना सूबेदार जगदीश चंद से हुआ। निहत्थे जगदीश ने उस आतंकी को दबोच लिया और उसकी बंदूक छीन कर उसे उड़ा दिया, लेकिन जगदीश वीरगति को प्राप्त हुए।
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पठानकोट आतंकी हमला
इसके बाद तीन आतंकी एयरबेस के पश्चिमी हिस्से की घनी झाड़ियों में घुस कर ओझल हो गए। इस इलाके का मोर्चा एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो ने संभाल लिया। एयरफोर्स के एक आला अफसर ने बताया कि 2 जनवरी को सुबह साढ़े चार बजे से लेकर 10 बजे तक आतंकियों की घेराबंदी रही। लोकेशन मालूम चलने के डर से आतंकियों ने फायरिंग बंद रखी। लेकिन एनएसजी कमांडो अब आरपार के मूड में थे।
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पठानकोट एयरबेस
- फोटो : फाइल फोटो
इसलिए सुबह 10.30 बजे एनएसजी कमांडो की टीम ‘आखिरी हिट मूव’ झाड़ियों के भीतर घुसने लगी। टीम को और भीतर आता देख घबराए आतंकियों ने असाल्ट राइफल, मोर्टार राउंड और ग्रेनेड से टीम पर पूरी ताकत के साथ हमला बोल दिया। हमले में 6 कमांडो घायल हो गए। एनएसजी कमांडो के घायल होने के बाद एयरफोर्स के एक आला अफसर ने एनएसजी फोर्स कमांडर से कार्रवाई वहीं रोकने को कहा।