आशुतोष महाराज के मामले में हाइकोर्ट के कड़े तेवर, अब नियमित सुनवाई
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज के अंतिम संस्कार मामले में हाईकोर्ट में अब नियमित सुनवाई होगी। इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह अब इस मामले का जल्द से जल्द निपटारा चाहता है।
हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अगले सोमवार से अब नियमित करने का निर्णय लिया है। पंजाब सरकार ने सोमवार को केस से जुड़ी सील बंद स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश की। कोर्ट ने इस पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि इसमें केवल उनके द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया गया है अन्य कुछ भी नहीं है।
ऐसे में अब हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई नियमित करने का निर्णय लिया है। पिछली सुनवाई में भी हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को दो टूक कहा था कि वह आशुतोष महाराज के अंतिम संस्कार पर खुद फैसला ले, अन्यथा कोर्ट को आदेश जारी करने होंगे।
'मृत घोषित करने के बाद भी फैसला ने करना गंभीर'
हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि दो साल से अधिक समय बीत जाने पर भी एक संत के चिकित्सीय रूप से मृत घोषित कर दिए जाने के बाद भी उसके बारे में फैसला नहीं कर पाना गंभीर सवाल उठाता है। मामले में पंजाब सरकार लॉ एंड आर्डर की दुहाई न दे जो आदेश जारी हुए हैं उनकी पालना करे।
बता दें, आशुतोष महाराज को 28 जनवरी 2014 को डॉक्टरों ने क्लीनिकली डेड घोषित किया था, जबकि उनके अनुयायियों का कहना है कि महाराज गहन समाधि में हैं। उस दिन से उनके शरीर को जालंधर के नूरमहल स्थित उनके आश्रम में फ्रीज पर रखा गया है।
आश्रम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसकी सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नूरमहल के दिव्य च्योति जागृति संस्थान की करोड़ों की संपत्ति को महाराज की गैरहाजिरी में संस्थान की कमेटी संभाल रही है।
भक्तों के मुताबिक महाराज गहन समाधि में हैं। संस्थान में माहौल एकदम सामान्य है। सब कुछ पहले की ही तरह चल रहा है। भक्तों को उम्मीद है कि जल्द ही महाराज फिर दर्शन देंगे।