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कृषि कानूनों के विरोध में चंडीगढ़ में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, राजभवन की ओर किया कूच

Mon, 28 Sep 2020 10:32 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 28 Sep 2020 10:32 PM IST
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Haryana Congress March to Rajbhawan Chandigarh
सड़कों पर उतरी हरियाणा कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला

नए कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को हरियाणा कांग्रेस ने राजभवन में दस्तक दी। राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को ज्ञापन सौंपकर कानूनों को निरस्त करने की मांग की गई। कांग्रेस का कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करते हुए राजभवन तक जाने का था लेकिन पुलिस ने वरिष्ठ नेताओं व विधायकों को ही जाने दिया। 

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                                                      हरियाणा कांग्रेस 

कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर रोक दिए गए। इस दौरान पुलिस के साथ कांग्रेसियों की नोकझोंक भी हुई। नारेबाजी कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर दोपहर बाद रिहा कर दिया। उन्हें रिहा कराने कांग्रेस के राज्य प्रभारी विवेक बंसल व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा पुलिस थाने पहुंचे।
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                                           हरियाणा कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन।

कांग्रेस ने ज्ञापन में मांग की है कि राष्ट्रपति अपने पद की गरिमा के प्रभाव से भाजपा सरकार के कृषि विरोधी काले कानूनों को निरस्त करने की कार्रवाई करें। कृषि उपज के क्रय-विक्रय के लिए मंडी व्यवस्था को समाप्त करने से कृषि उपज का व्यापार बिल्कुल नष्ट हो जाएगा और देश के लिए इसके परिणाम भयावह होंगे। 

                                                                     हरियाणा कांग्रेस।
 

ज्ञापन देने वाले प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा में पार्टी मामलों के प्रभारी विवेक बंसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक किरण चौधरी, आफताब अहमद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरेंद्र राठौर, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, विधायक श्रीमती शैली चौधरी, रेणु, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन गुज्जर शामिल रहे। ज्ञापन देने के बाद विवेक बंसल, सैलजा और हुड्डा ने मीडिया को बताया कि राज्यपाल ने उनकी बात ध्यान से सुनी। बंसल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर जोर देती रहेगी।


                                       चंडीगढ़ कांग्रेस का प्रदर्शन

गांधी जयंती पर किसान मजदूर बचाओ सम्मेलन
कुमारी सैलजा ने कहा कि पार्टी 2 अक्टूबर को किसान मजदूर बचाओ सम्मेलन का आयोजन करेगी। हुड्डा ने कहा कि इन कानूनों से किसानों, मजदूरों और आढ़तियों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। वर्तमान समस्या का समाधान यही है कि मोदी सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए कानूनी व्यवस्था करे। 


                                                 चंडीगढ़ कांग्रेस।

बंसल ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दिशा-निर्देशानुसार मोदी सरकार के इन कानूनों के विरुद्ध रोष व्यक्त करें। भाजपा ने ये तीनों कानून संविधान की सभी मर्यादाओं को ताक पर रखकर संसद में पास करवाए हैं। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर हरियाणा के समस्त विधानसभा क्षेत्रों व जिला मुख्यालयों पर किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 

                          चंडीगढ़ कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन।
 

उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी सांसद, विधायक तथा अन्य वरिष्ठ नेता इन सम्मेलनों अपने-अपने क्षेत्रों में अवश्य नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि 2 से 31 अक्टूबर तक पार्टी नेता तथा कार्यकर्ता इन कानूनों के विरोध में किसानों व अन्य वर्गों के लोगों से हस्ताक्षर एकत्र करेंगे। हस्ताक्षर के ये दस्तावेज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेजे जाएंगे।


                                                         चंडीगढ़ कांग्रेस 

कांग्रेस मुख्यालय में इन्होंने रखे विचार
चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में बैठक को विधायक किरण चौधरी, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरेन्द्र राठौर, विधायक वरुण मुलाना, पूर्व सांसद सुशील इंदौरा, पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा, पूर्व विधायक आनंद सिंह डांगी व बंता राम बाल्मीकि और पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवार सरदार तरलोचन सिंह ने संबोधित किया। बैठक में शहीद-ए-आजम भगत सिंह को उनके जन्मदिन के अवसर पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

2007 में ही हरियाणा में लागू कर दी थी कांट्रेक्ट फार्मिंग: हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नए कृषि कानूनों पर कहा कि केंद्र सरकार एमएसपी की गारंटी का बिल लाए। हरियाणा में कांट्रेक्ट फार्मिंग 2007 में ही लागू कर दी गई थी लेकिन उसमें ये प्रावधान रखा गया था कि कोई भी व्यक्ति किसान की फसल को एमएसपी से कम दाम पर नहीं खरीदेगा। साथ ही ये भी प्रावधान किया था कि कोई भी किसान की फसल को एमएसपी से कम पर नहीं खरीद सकेगा और जिस फसल पर एमएसपी नहीं होगी उसे मार्केट रेट के हिसाब से खरीदना होगा।

चंडीगढ़ कांग्रेस ने भी किया प्रदर्शन

उधर, कृषि कानूनों के विरोध में चंडीगढ़ कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान 18-19 लाइट प्वाइंट पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ता केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर निकले। मध्यमार्ग पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।

इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल के एडीसी को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। छाबड़ा ने कहा कि जब राज्यपाल के एडीसी उनसे ज्ञापन लेने आए तो कहा कि राज्यपाल साढ़े ग्यारह बजे तक आप लोगों का इंतजार कर रहे थे। वे आप लोगों से बात करना चाहते थे लेकिन आप लोगों को आने में देर हो गई।


                                                चंडीगढ़ कांग्रेस।

कांग्रेस के इस मार्च में दो ट्रैक्टरों को पुलिस जब्त कर सेक्टर-19 के थाने में ले गई। दस्तावेज पूरे नहीं होने पर ट्रैक्टरों का चालान कर इन्हें मालिक को वापस कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने बताया कि कृषि कानून अलोकतांत्रिक तरीके से बना है। भाजपा सत्ता में आने के बाद सरकारी कर्मचारियों, युवाओं के बाद अब देश की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों को निशाना बनाकर उनके हितों के खिलाफ कठोर कानून पारित कर चुकी है। 

उन्होंने कहा कि भाजपा जानती है कि नया किसान कानून किसानों के खिलाफ है, यही वजह है कि उन्होंने संसद में अलोकतांत्रिक तरीके से पारित किया। केंद्र सरकार एमएसपी और मंडी सिस्टम को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। इन सुरक्षा उपायों और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के अभाव में छोटे और मध्यम किसानों का शोषण होगा। 

मंडी प्रणाली व एमएसपी को लेकर लिखित में शामिल करने की मांग
प्रदर्शन के लिए अपने ट्रैक्टर के साथ आए किसानों ने पूछा कि क्या मोदी सरकार अपने बयान में ईमानदार है कि एमएसपी और मंडी प्रणाली को समाप्त नहीं किया जाएगा। वे मौजूदा कानूनों में इसे लिखित रूप में शामिल करने में संकोच क्यों कर रहे हैं। 

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