350 हेक्टेयर में बसा पूरा शहर ही खत्म, बचे अवशेष
हरियाणा में 1963 में यहां हड़प्पाकालीन संस्कृति अवशेष मिले थे, जिनसे यह पता चला कि यहां पूरा शहर बसा था। शहर का पता लगाने के लिए करीब 900 एकड़ में खुदाई चल रही है। हरियाणा स्पेस रिमोट सेंसिंग सेंटर(हरसैक) सेटेलाइट से हिसार जिले के गांव राखीगढ़ी का सर्वे करेगा।
350 हेक्टेयर में बसा पूरा शहर ही खत्म, बचे अवशेष
इस सर्वे के माध्यम से वह इस बात का पता लगाएगा कि आखिर राखी गढ़ी में बसा हड़प्पाकालीन शहर कैसे खत्म हुआ। यही नहीं हरसैक इस बात का पता लगाएगा कि उस समय राखी गढ़ी और उसके आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति कैसी रही होगी।
350 हेक्टेयर में बसा पूरा शहर ही खत्म, बचे अवशेष
हरसैक के मुताबिक रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट से जो डाटा मिलेगा, उसके संक्षिप्त अवलोकन, विभिन्न स्पेक्ट्रल बैंड, रेपीटिटिव कवरेज व डेप्थ पेनीट्रेशन के चलते आर्कियोलॉजिकल स्टडीज के ज्यादा मददगार साबित होती है। इसके अलावा इसमें पैसे व समय की बचत भी होती है, जो कि पुराने तरीके में ज्यादा लगता है।
350 हेक्टेयर में बसा पूरा शहर ही खत्म, बचे अवशेष
पुरातत्व विशेषज्ञों के मुताबिक यह शहर करीबन 350 हेक्टेयर में बसा हुआ था, जबकि मोहनजोदड़ो शहर (पाकिस्तान) 200, हड़प्पा (पाकिस्तान) 150 और धौलवीरा (गुजरात) 100 हेक्टेयर में बसा हुआ था। राखी गढ़ी साइट की एक खासियत यह भी है कि यहां प्रारंभिक और विकसित सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष मिले हैं।
350 हेक्टेयर में बसा पूरा शहर ही खत्म, बचे अवशेष
खुदाई के दौरान इस जगह पर उस काल के मिट्टी के बर्तन, आभूषण व मिट्टी के बने खिलौने मिले हैं। इसके अलावा कुछ नर कंकाल भी यहां खुदाई के दौरान मिले हैं। गांव राखी गढ़ी स्थित हड़प्पाकालीन टीलों को पुरातत्व विभाग ने नौ साइटों में बांटा हुआ है और यह करीब 900 एकड़ में फैला हुआ है।