{"_id":"5958a5904f1c1bb33e8b4d48","slug":"gst-goods-services-tax-impact-on-wine-beer-petrol-diesal","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बड़ी खबरः GST से शराब, पेट्रोल और डीजल बाहर, पर कीमतें बढ़ सकती हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी खबरः GST से शराब, पेट्रोल और डीजल बाहर, पर कीमतें बढ़ सकती हैं
Tue, 04 Jul 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Jul 2017 09:11 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
wine
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जीएसटी के दायरे से शराब, पेट्रोल और डीजल को बाहर रखा गया है, लेकिन झटके वाली खबर ये है कि इनकी कीमतों में भी इजाफा हो सकता है।
2 of 6
beer
शराब को जीएसटी से बाहर रखने के बावजूद चंडीगढ़ में बीयर पर जीएसटी चार्ज किया जा रहा है। इस पर एडवोकेट अजय जग्गा ने एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर अजित बालाजी जोशी को शिकायत दी हैं। एडवोकेट अजय जग्गा ने डीसी को दी शिकायत में कहा है कि जीएसटी का कई जगह गलत इस्तेमाल हो रहा है। जग्गा ने डीसी से ईटीओ और इंस्पेक्टरों को इसकी जांच कराने की मांग की हैं।
3 of 6
beer
अब जानिए एक सच। बेशक जीएसटी के दायरे में शराब नहीं, लेकिन इसके दाम फिर भी बढ़ सकते हैं। दरअसल, शराब बेचने पर सरकार को दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कमाई होती है। वहीं शराब बनाने के लिए प्रयोग में आने वाले कच्चे माल को 5 से 18 फीसदी के स्लैब में रखा है, जिससे इनपुट कॉस्ट बढ़ जाएगी। इससे कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा और कंपनियों के लिए दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
beer
सबसे ज्यादा दाम बीयर के बढ़ेंगे। बियर बनाने के लिए जिन वस्तुओं का इस्तेमाल होता है उससे बीयर के दाम 15 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है। बीयर के अलावा विहस्की, जिन, वोदका, रम और वाइन के दाम भी इसी तरह बढ़ जाएंगे। दूसरी ओर, अगर शराब को जीएसटी के दायरे में लाना होगा तो इसके लिए केंद्र सरकार को संविधान में संशोधन करना होगा।
विज्ञापन
5 of 6
petrol pump
यह सबसे बड़ा कारण है, जिसके कारण शराब अगले तीन-चार सालों तक जीएसटी के दायरे से बाहर रहेगी। सरकार भी शराब को जीएसटी के दायरे में नहीं रखना चाहेगी, क्योंकि यह जीएसटी के दायरे में आई तो केंद्र व राज्य दोनों की आर्थिक तौर पर कमर टूट जाएगी। पेट्रोल-डीजल पर अभी वैट और अन्य टैक्स मिलाकर के 57 फीसदी टैक्स लगता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।