पिता के मर्डर के बाद टूट गई थी, रियो ओलंपिक में ऐसी चोटी लगी कि एक साल बिस्तर पर रहना पड़ा, पर बहादुर बेटी का जज्बा कम नहीं हुआ। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा, और अब उनके हाथ एक और उपलब्धि लगी है।
हम बात कर रहे हैं, इंटरनेशनल पहलवान विनेश फोगाट की, जिन्हें प्रतिष्ठित लॉरेस विश्व खेल पुरस्कारों में नामांकित किया गया है। अब विनेश पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं, जिनका नाम इन पुरस्कारों के लिए नामांकित हुआ। विनेश का नाम 'लॉरेस वर्ल्ड कमबैक आफ द ईयर (साल में वापसी करने वाली सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी)' की श्रेणी में नामांकित किया गया है। यह भारत के लिए और विनेश के लिए बड़े गौरव की बात है।
24 साल की इस पहलवान ने चोट के कारण लंबे समय बाद शानदार वापसी करते हुए गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। विनेश फोगाट द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट की चचेरी हैं। विनेश ने 21वें कॉमनवेलथ गेम्स में 50 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था।
रियो ओलंपिक 2016 में चोट लगने के बाद विनेश फोगाट काफी समय पर बिस्तर पर रहीं, लेकिन इस बहादुर बेटी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और फिर से अखाड़े में उतरी। विनेश ने शानदार वापसी की है और नतीजा आज सभी के सामने है। 24 अगस्त 1994 को जन्मीं विनेश के पिता राजपाल का जमीनी विवाद के चलते मर्डर हो गया था। जिसके बाद महावीर फोगाट ने विनेश और उसकी बहन प्रियंक को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी।
विनेश ने भी अपने ताऊ जी का मान रखते हुए इंटरनेशनल लेवल पर एक गोल्ड समेत 8 मेडल जीतकर उनका और देश का नाम रोशन किया है। विनेश ने पहली बार साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यहां 51 किलोग्राम वर्गभार में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। विनेश फोगाट इससे पहले 48 किलोग्राम वर्ग में खेलती थी, कॉमनलवेल्थ में विनेश 50 किलोग्राम वर्ग में रिंग में उतरी और मेडल जीत लिया।