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इंटरनेट बैंकिग करने वाले सावधान, अगली बार वेबसाइट खोलने से पहले ये जरूर चैक कर लें!

Fri, 10 Mar 2017 06:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 10 Mar 2017 06:04 PM IST
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For those who does internet banking, Beware from this S factor
‘एस’ फैक्टर कर सकता है खाता खाली - फोटो : File Photo
अगर आप किसी भी वेबसाइट को खोलकर सीधे लॉग इन करते हैं तो संभल जाइए। ‘एस’ फैक्टर का अटैक बड़े नुकसान का कारण बन सकता है, जानिए...
For those who does internet banking, Beware from this S factor
ऑनलाइन फ्रॉड - फोटो : फाइल फोटो
‘एस’ फैक्टर का अटैक बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। खासकर बैंक की वेबसाइट से नेट बैंकिंग करने के मामले में यह काफी घातक सिद्घ हो सकता है। यूजर को भले ही लगे कि कंप्यूटर या एंड्रायड मोबाइल और उसके बीच तीसरा कोई नहीं है, लेकिन कोई तीसरा व्यक्ति आपकी हर ऑनलाइन एक्टिविटी को अपने अनुसार बदल सकता है। हो सकता है आपके बैंक खाते से मोटी रकम भी दूसरी जगह ट्रांसफर हो जाए। पंजाब यूनिवर्सिटी में वीरवार से शुरू हई तीन दिवसीय साइबर सिक्योरिटी एंड फोरेंसिक वर्कशॉप में एक्सपर्ट्स ने सचेत करने वाली ऐसी जानकारी साझा की।
For those who does internet banking, Beware from this S factor
- फोटो : DEMO Pic
एस फैक्टर मतलब सिक्योरिटी
इंटरनेट पर कोई भी वेबसाइट ओपन करते समय हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (एचटीटीपी) के आगे एस लगा होना बेहद जरूरी है। एचटीटीपी के आगे से एस अगर गायब है तो समझो कोई तीसरा बीच में अटैक कर चुका है। उसके बाद यूजर जो भी करेगा वह उस हैकर को पता होगा। हैकर अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकता है। खासकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन करते समय सावधान होने की जरूरत है। एस नहीं दिखने के बाद भी सिस्टम को इस्तेमाल करते रहना खतरे से खाली नहीं है। 
 
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For those who does internet banking, Beware from this S factor
- फोटो : Demo Pic
सबसे ज्यादा नुकसान लॉग इन करने वाली वेबसाइट के मामले में होता है। लॉग इन करने के बाद हैकर सभी तरह की जानकारी चुरा लेता है। नेट बैंकिंग, जीमेल, फेसबुक और अपनी कंपनी की वेबसाइट के लिए यूजर आईडी का इस्तेमाल करना होता है। इनमें सावधानी बरतनी जरूरी है। कौशल ने बताया कि हैकर को ऐसा करने में केवल दो मिनट लगते हैं। कौशल ने बताया कि वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को क्रेक करना काफी मुश्किल होता है। इसलिए बैंक ट्रांजेक्शन के लिए ओटीपी का इस्तेमाल करते हैं।
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Fraud - फोटो : Demo Pic
ऐसे बच सकते हैं अटैक से
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सौरभ कौशल ने बताया कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए तुरंत सिस्टम को शट डाउन कर देना चाहिए। इससे अटैक को रोका जा सकता है। फिर एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए। एंड्रायड मोबाइल पर लोग अक्सर बहुत सी एप लॉग इन कर छोड़ देते हैं। जीमेल, फेसबुक और पेमेंट बैंक इसमें मुख्य हैं। इन एप को सप्ताह में एक बार लॉग आउट करना बेहद जरूरी है। वैसे तो काम खत्म होने के बाद ही लॉग आउट करना चाहिए।
 
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