फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शादी के डेढ़ महीने बाद ही शहीद हो गए थे कमांडो, 6 माह की बेटी लेने आई अवार्ड

Tue, 21 Feb 2017 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा) Updated Tue, 21 Feb 2017 09:30 PM IST
विज्ञापन
excellence award to martyr commando gursewak singh, killed in pathankot airbase terror attack
शहीद कमांडो गुरसेवक सिंह को एक्सीलेंस अवार्ड
शादी के डेढ़ महीने बाद ही कमांडो पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। अब 6 महीने की बेटी अवार्ड लेने मां के साथ आई। देखिए तस्वीरें।
excellence award to martyr commando gursewak singh, killed in pathankot airbase terror attack
शहीद कमांडो गुरसेवक सिंह को एक्सीलेंस अवार्ड
पठानकोट एयरफोर्स के बेस कैंप पर हुए हमले में जान कुर्बान करने वाले शहीद गुरसेवक सिंह को मरणोपरांत विक्रम संवत-2073 एक्सिलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। सेक्टर-23 चंडीगढ़ स्थित बाल भवन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम उनकी छह माह की बेटी गुररीत मां जसप्रीत कौर के साथ अवार्ड लेने के लिए पहुंची। इनके अलावा चार और लोगों को इस अवार्ड से नवाजा गया।
excellence award to martyr commando gursewak singh, killed in pathankot airbase terror attack
गुरसेवक सिंह
बात 2-3 जनवरी 2016 की रात की है, जब पठानकोट एयरबेस पर आतंकियों ने कब्जा कर लिया था। करीब 80 घंटे चले मुकाबले और सर्च ऑपरेशन में अंबाला के गुरसेवक सिंह समेत 7 जवान शहीद हो गए थे। उनसे डेढ़ माह पहले ही ब्याहकर आई जसप्रीत के हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी कि आतंकी हमले में कमांडो पति शहीद हो गया। नियति ने ऐसा खेल खेला कि पति के शव पर चूड़े को उतारना पड़ रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
excellence award to martyr commando gursewak singh, killed in pathankot airbase terror attack
शहीद गुरसेवक सिंह के लिए वीरता पुरस्कार की घोषणा - फोटो : फाइल फोटो
पठानकोट एयरबेस में हुए आतंकी हमले में पहली बार गरूड़ फोर्स का कोई कमांडो शहीद हुआ था। 5 गोलियां लगने के बावजूद डटा रहा और करीब एक घंटे तक दुश्मनों पर भिड़ता रहा। अमूमन सेना के पैरा कमांडो, नेवी के मरीन कमांडो व एनएसजी के कमांडो ही आतंकियों से भिड़ते हैं, लेकिन बरसों बाद ऐसा हुआ है कि आतंकियों ने एयरबेस को निशाना बनाया है, इसलिए उनसे लड़ने के गरूड़ कमाडों स्पेशल ऑपरेशन पर तैनात किए गए।
विज्ञापन
excellence award to martyr commando gursewak singh, killed in pathankot airbase terror attack
शहीद कमांडो गुरसेवक सिंह के घर बेटी ने जन्म लिया - फोटो : अमर उजाला
1 जनवरी को अंबाला जिले के गरनाला गांव के रहने वाले गरुड़ कमांडो गुरसेवक सिंह को हरियाणा के आदमपुर से पठानकोट भेज दिया गया। रात में डेढ़ महीना पहले ब्याही पत्नी जसप्रीत कौर से बात कर रहे गुरसेवक सिंह ने यह कहकर फोन काट दिया, बाद में फोन करूंगा और अगर फोन नहीं आया तो सो जाना। इसके बाद फोन नहीं आया, क्योंकि उसी रात को ही गुरसेवक सिंह देशसेवा के लिए न्यौछावर हो चुका थे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed