22 साल की उम्र में टीम इंडिया का सबसे युवा कैप्टन बन गया था ये पंजाबी पुत्तर। अब इन्हें देश का सर्वोच्च खेल सम्मान मिल सकता है। जानिए इनके बारे में सब कुछ।
ये हैं भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके सरदार सिंह। भारतीय हाकी टीम के सबसे युवा कप्तान का ताज भी इनके सिर पर है। हरियाणा पुलिस में उपाधीक्षक (डीएसपी) सरदार सिंह का नाम ‘राजीव गांधी खेल रत्न’ के लिए प्रस्तावित गया है। भारत के इस सबसे बड़े खेल सम्मान के लिए सरदार सिंह के नाम की सिफारिश हॉकी इंडिया ने की है।
भारत ने 2014 में सरदार की कप्तानी में एशियाई खेलों में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था और रियो ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया था। सरदार ने भारत के लिए अपना पदार्पण जूनियर टीम में 2003-04 में भारत के पोलैंड दौरे के दौरान किया था। सरदार ने सीनियर टीम में अपना पदार्पण 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ किया।
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भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके सरदार सिंह
दुनिया के बेहतरीन मिडफील्डरों में शुमार सरदार को 2010 और 2011 में एफआईएच की 18 सदस्यीय ऑल स्टार टीम में जगह मिली थी। सरदार ने 2008 में भी सुल्तान अजलान शाह में जब भारत का नेतृत्व किया था, तब वह देश के सबसे युवा कप्तान बने थे। सरदार को 2012 में अर्जुन अवॉर्ड और 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
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भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके सरदार सिंह
देश को हॉकी में कई बड़ी सफलताएं दिला चुके और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के शीर्ष-5 खिलाड़ियों में लगातार शुमार रहे। हॉकी इंडिया ने इनके अलावा एसवी सुनील, दीपिका और धर्मवीर सिंह के नाम की सिफारिश अर्जुन पुरस्कार के लिए की गई है। डॉ. आरपी सिंह और सुमरई टेटे का नाम ध्यानंचद अवॉर्ड तथा कोच संदीप सांगवान और रोमेश पठानिया का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए भेजा गया है।