अगर आप इनकम टैक्स नहीं भर पाए हैं तो टेंशन न लें, ऑप्शन और भी हैं। एक आसान-सा तरीका भी है। रोहतक ब्रांच ऑफ एनआईआरसी ऑफ द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आशीष गर्ग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल करने की देय तिथि अब 31 जुलाई 2018 है तो बेफिक्र होकर इस तारीख तक टैक्स भर दें।
लेकिन अगर आपको भी समय पर इनकम टैक्स रिटर्न न भरने की आदत है तो इसे आप समय से सुधार सकते लें। हाल ही में चंडीगढ़ में जिला अदालत ने समय पर इनकम टैक्स न भरने वाले एक बिजनैसमेन को सजा सुनाई है। शिमला निवासी संजय कुमार सूद (54 वर्ष) को समय पर इनकम टैक्स रिटर्न न भरने पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 276सीसी के तहत दोषी करार देते हुए तीन महीने कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 8 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
क्योंकि आयकर विभाग ने इस समयसीमा तक रिटर्न फाइल न भरने वालों पर पेनाल्टी लगाने का निर्णय भी लिया है। ऐसे में अब आयकर रिटर्न फाइल करने में देरी डबल भारी पड़ सकती है। निर्धारण वर्ष 2018-19 से यह नियम लागू कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, 50 फीसदी से अधिक आयकर दाता देय तिथि से पहले रिटर्न फाइल नहीं करते हैं। इनमें भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो रिटर्न फाइल करना टालते जाते हैं और दो-दो वर्ष के रिटर्न एक साथ फाइल करते है।
31 जुलाई 2018 तक रिटर्न फाइल करने से चूकने पर 5000 रुपये का जुर्माना 31 दिसंबर 2018 तक देना होगा। इस दौरान भी रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो एक जनवरी से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 के बीच रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। एक अप्रैल 2019 से वित्तीय वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। साथ ही विभाग के नोटिसों और जांच के दायरे में आ जाएंगे।
इनकम टैक्स को ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया को ई-फाइलिंग (e-Filing) कहा जाता है। यह सरल भी है, सुलभ भी। सभी संबंधित दस्तावेज यदि अपडेट हों और पास रखकर बैठें। कंप्यूटर से ई-फाइल करने में कोई झंझट नहीं होगा और समय भी बचेगा। आयकर विभाग की वेबसाइट है यह- incometaxindiaefiling.gov.in। सबसे पहले इस पर अकाउंट बनाना होगा।