युवाओं के लिए पैसा कमाने का जबरदस्त जुगाड़। अब अपनी बाइक को टैक्सी की तरह चलाएं और पैसा कमाएं, तैयार रहिए मौका लपकने के लिए।
पंजाब, गोवा, गुरुग्राम के बाद अब चंडीगढ़ में भी किराए पर बाइक राइड मिलेगी। यूटी प्रशासन ने इस पॉलिसी को लागू करने का फैसला किया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने रेंट मोटरसाइकिल स्कीम 1997 के तहत बाइक टैक्सी सर्विस पॉलिसी तैयार कर ली है। मंगलवार को ओला कंपनी ने एसटीए को बाइक टैक्सी सर्विस के लिए प्रपोजल तैयार कर भेज दिया है।
एसटीए के अतिरिक्त सचिव राजीव तिवारी ने बताया कि पॉलिसी तैयार कर ली गई है। ओला कंपनी के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। पॉलिसी अप्रवूल व नोटिफिकेशन के लिए फाइल गवर्नर को भेजी जाएगी। अतिरिक्त सचिव राजीव तिवारी ने बताया कि बिना लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति बाइक टैक्सी सर्विस के तहत रेंट पर बाइक नहीं दे सकता। ऐसा करने पर सर्विस प्रोवाइडर पर जुर्माना लगाया जाएगा।
एसटीए द्वारा बनाई गई बाइक टैक्सी सर्विस पॉलिसी के तहत सर्विस प्रोवाइडर को पांच साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। हर पांच साल बाद सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए आवेदन करना होगा। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरएलए) बाइक टैक्सी सर्विस के लिए सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस देगा। पॉलिसी के तहत सर्विस प्रोवाइडर को शहर में जगह-जगह बाइक टैक्सी सर्विस प्वाइंट बनाने होंगे।
पॉलिसी में लाइसेंस होल्डर के लिए ये कंडीशनः सभी बाइक और उसके चालक का रिकॉर्ड रखना होगा। सभी बाइक चालकों की पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। लाइसेंस होल्डर को शिकायत बुक भी रखनी होगी। यूनिफार्म में होंगे बाइक चालक, वर्दी पर लगानी होगी नेम प्लेट।