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10 के सिक्के के चक्कर में बुरे फंस सकते हैं आप, यकीं न हो तो देख लिजिए

Wed, 25 Jan 2017 09:44 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 25 Jan 2017 09:44 AM IST
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dispute in chandigarh due to 10 rupee coin, know here how to identify real and fake coin
दस रुपये के सिक्के की पहचान
10 रुपये के सिक्के को लेकर चल रही परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। देखिए जरा संभल कर, कही आप भी न फंस जाएं इसके चक्कर में।
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10 रुपये का सिक्का
दरअसल, चंडीगढ़ में 10 रुपये का सिक्का लेने से दुकानदार मना कर रहे हैं। इस बात को लेकर आए दिन लोगों और दुकानदारों में नोकझोंक होती रहती है। ऐसा ही कुछ आज सड़क पर देखने को मिला, जब ऑटो वाले ने 10 का सिक्का लेने से यह कहते हुए मना कर दिया कि यह तो नकली होता है। बेहतर होगा कि आप नोट दे दें, वरना मेरा नुकसान हो जाएगा।
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दस रुपये के सिक्के
बता दें कि नोटबंदी के बाद बाजार में 10 के सिक्कों का काफी बोलबाला रहा। ​इसके चलते लोगों को काफी परेशानी हुइ। दुकानदार, ऑटो वाले और बैंक इसे लेने से मना करने लगे। इस संबंध में जब एक बैंक अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि कोई ऐसी मशीन नहीं है, जिससे पता लगाया जा सके कि सिक्का असली है या नकली।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान
वहीं, बैंक अधिकारी ने कुछ अन्य जानकारियां भी दीं। उन्होंने बताया कि 10 का सिक्का लेने से इंकार करने वाले लोगों को जेल तक हो सकती है। एफआईआर दर्ज होने पर पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ चालान करके न्यायालय से सजा दिला सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने दस रुपये का सिक्का चलन से बाहर नहीं किया है। ऐसे में असली सिक्का लेने से मना करना कानूनन गलत है और भारतीय मुद्रा का अपमान है।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान
बैंक अधिकारी ने बताया कि नोट या सिक्के का जाली मुद्रण करने पर, जाली नोट या सिक्के चलाने पर और सही सिक्कों को लेने से मना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए से 489इ के तहत अपराध है। इन धाराओं के तहत किसी विधिक न्यायालय द्वारा आर्थिक दंड, कारावास अथवा दोनों की सजा दी जा सकती है। 17 साल की सजा या 20000 रुपये का जुर्माना या फिर दोनों सजा दी जा सकती है।
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