किसी शहीद की अंतिम विदाई हो तो ऐसी ही हो। पूरा शहर भारत माता की जय के नारे लगा रहा था। देशभक्ति की मिसाल देखिए
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जवान की आखिरी विदाई में उमड़ा पूरा शहर
सुकमा में शहीद हुए हरियाणा के जवान शहीद राम मेहर संधू का पार्थिव शरीर जब उनके गांव पहुंचा तो वहां का नजारा देखने वाला था। अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। सभी ने शहीद को नम आंखों से अतिम विदाई दी।
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जवान की आखिरी विदाई में उमड़ा पूरा शहर
सुकमा में शहीद हुए सीआरपीएफ हवलदार राममेहर के गांव खेड़ी मान सिंह में मातम पसरा हुआ है तो वहीं गांव के लोग देश के लिए शहीद होने वाले इस जांबाज की प्रेरक बातों को याद कर रहे हैं।
शोक जताने के लिए पहुंचने वाले नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के हुजूम के बीच गांव का हर युवा बस यही कह रहा था कि काश मैं भी सेना या सीआरपीएफ में होता तो देश पर हमला करने वाले नक्सलियों से लड़ते हुए अपने बड़े भाई की तरह शहीद हो जाता।
शहीद राममेहर गांव के युवाओं के लिए बड़े भाई ही थे, जो छुट्टी पर गांव आने पर युवाओं को सेना या सीआरपीएफ में जाने के लिए प्रेरित करते। इनके प्रेरणा के कारण ही आज गांव के कई युवा सेना में हैं। जिसके कारण इस गांव को जवानों का गांव कहा जाता है।