'मेरा भाई नशा तस्कर नहीं था, उसे घर से अगवा कर उसके हाथ पांव काट गांव के चौराहे पर फेंक दिया इन लोगों ने'
ये कहना है पंजाब के बठिंडा के गांव भागीबांदर में नशा तस्कर बताकर मारे गए युवक विनोद कुमार उर्फ सोनू के परिजनों का। उन्होने गांव की महिला सरपंच के बेटे राजू व उसके साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।
युवक के रिश्तेदार का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। संबंधियों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार नहीं करती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद भी किसी भी व्यक्ति को इस मामले में नामजद नहीं किया है।
जगदीश ने आरोप लगाया कि उसके मौसेरे भाई सोनू को राजू और उसके साथियों ने घर से अगवा कर उसके हाथ पांव काट कर गांव के चौराहे पर फेंक दिया। इसके बाद गांव की ही एक युवती ने लोगों को इकट्ठा कर सोनू की खून से लथपथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी और लिखा कि गांव वालों ने नशा तस्कर को सजा देते हुए काट दिया है।
जगदीश ने बताया कि असल मामला तो यह है कि महिला सरपंच के बेटे पर सोनू ने कुछ दिन पहले ही एक केस दर्ज करवाया था जिससे बचने के लिए राजू ने पहले साथियों समेत उसके भाई को अगवा कर हाथ पांव काट दिया फिर उस युवती के सहारे गांव के लोगों को इकट्ठा कर सोनू को नशा तस्कर पेश कर मौत के मुंह में जाने को मजबूर कर दिया।