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RSS नेता पर हमले ने बढ़ाई IB की चिंता, ये भी हैं टारगेट पर, देखिए
सुरिंदर पाल/अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
Updated Tue, 09 Aug 2016 05:19 PM IST
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brigadier jagdish ggneja
- फोटो : file photo
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ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा पर हमले ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो को चिंता में डाल दिया है। आरएसएस के कई और अधिकारी टारगेट पर हैं। देखिए तस्वीरें।
Brigadier (Retd), Jagdish, Gagneja
- फोटो : amar ujala
पंजाब में आरएसएस के कई नेता मिशन पर हैं, जिसमें प्रमोद अमृतसर से हैं। प्रमोद पंजाब प्रांत के प्रमुख प्रचारक हैं। इसके बाद ब्रिगेडियर गगनेजा और जालंधर में रहने वाले कश्मीरी लाल खन्ना हैं। कश्मीरी लाल खन्ना के पास आरएसएस के प्रसार की जिम्मेदारी है। हालांकि वह पहले भाजपा समन्वय में थे। कुछ समय पहले वह आरएसएस के स्कूलों के प्रसार में लगे हुए हैं। बैंक से रिटायर कश्मीरी लाल खन्ना केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के करीबी हैं। वह लंबे समय से पंजाब में आरएसएस के मास्टर प्लानर हैं। आरएसएस के स्कूलों सर्व हितकारी की जिम्मेदारी उनके कंधों पर हैं।
आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा रमेश्वर क्षेत्रीय प्रचारक हैं। वह पंजाब अक्सर आते जाते हैं, उन पर आरएसएस की नार्थ इलाके की जिम्मेदारी है। सुशील दोआबा के प्रचारक हैं। उन पर जालंधर के आसपास जिलों की जिम्मेदारी है, जिसमें वह शाखा से लेकर तमाम रणनीति तैयार करते हैं। आरएसएस के विंग धर्म जागरण के चीफ भी जालंधर से हैं। ईसाई मिशनरियों के मंसूबों को लगातार फेल करने में जुटे सुनील सहगल के कंधों पर देश के कई हिस्सों के सीमावर्ती इलाके हैं।
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rss sah sanghchalak
- फोटो : amar ujala
पंजाब बार्डर के आसपास ईसाई मिशनरियों के धर्म परिवर्तन के खिलाफ जंग लड़ने वाले सुनील सहगल आरएसएस के बड़े नेताओं में हैं। कई बार उनका टकराव बार्डर इलाके में ईसाई मिशनरियों से हो चुका है। उनके पास भी एक अदद सिक्योरिटी कर्मचारी नहीं है। इसके अलावा संघ के गो रक्षा कार्यक्रम में लगे मंदीप बख्शी ने कई मामले पशु तस्करों के खिलाफ दर्ज करवा रखे हैं। उनको कोई सुरक्षा नहीं दी गई है। उनको भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। वह गो रक्षा के लिए लंबे समय से संघ के साथ लगे हुए हैं।
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rss sah sanghchalak
- फोटो : amar ujala
पंजाब की एजेंसियां अब आरएसएस के ऐसे बड़े नेताओं का पूरा ब्योरा तैयार कर रही हैं, ताकि उनकी सुरक्षा का बंदोबस्त किया जा सके। आरएसएस के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो सुरक्षा को वह खुद दूर रखने में विश्वास रखते हैं क्योंकि उनका कार्य मिशनरी होता है और यह गुप्त रखा जाना अनिवार्य है। अब तक संघ पर पंजाब में तीन बड़े हमले हो चुके हैं।