तालाब की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे हटाने के लिए कलायत पहुंचे प्रशासनिक अमले एवं पुलिस बल के बीच जमकर टकराव हुआ।
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आशियाना बचाने के लिए पुलिस से भिड़े लोग, गोलियां चलीं
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्लास्टिक की गोलियां चलाकर भीड़ को खदेड़ा। घटनाक्रम में तीन पुलिस कर्मियों सहित दर्जनों लोग घायल हुए हैं। वार्ड नंबर 6 में स्थित खसरा नंबर 482 में स्थित मकानों को गिरवाने की कार्रवाई के विरोध में यह घटना हुई। प्रशासन ने एक मकान गिराए जाने के बाद कार्रवाई रोक दी। कलायत में उच्च न्यायालय के आदेशों पर तालाब की खाली पड़ी जमीन को कब्जे में लेने के बाद शुक्रवार को प्रशासन मकानों को गिरवाने के लिए पहुंचा था।
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पहले तो पुलिस ने लोगों को दूर तक खदेड़ दिया तथा हुस्न सिंह के मकान से मकानों को गिराने की कार्रवाई आरंभ कर दी। जिस पर गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते देख कर प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल भाग खड़ा हुआ। उसके बाद पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए आंसू गैस व प्लास्टिक की गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस की और से भी भारी पथराव किया गया। दोनों और से हुए पथराव में अनेक लोग घायल हो गए।
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करीब 8 से 10 आंसू गैस के गोले चलाए गए। दोनों और से भारी पथराव में तीन पुलिस कर्मियों सहित अनेक लोग घायल हो गए। गोपाल नंबरदार का कहना था कि प्रशासन अपने हिसाब से कार्रवाई कर रहा है। उन लोगों के पास आज तक कोई नोटिस तक नहीं आया तथा प्रशासन ने उन्हें एक्स पार्टी कर दिया। कमिश्नर आफिस में उनके केस लगे हैं, जिसकी तारीख 13 सितंबर लगी है। मगर उससे पहले ही प्रशासन उनके मकान गिराने पर आमादा है।
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जिस समय तालाबों की निशानदेही करवाई गई उस समय भी खसरा नंबर 482 के लोगों को बुलाया नहीं गया। उनका यह भी आरोप था कि जो पहले लिस्ट बनाई गई थी उसमें 13 लोगों के नाम थे, पर आज जो मकानों को गिराने की लिस्ट प्रशासन द्वारा दिखाई जा रही है उसमें 9 लोगों के नाम हैं। आरोप था कि नगरपालिका के चेयरमैन, पालिका अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने पैसे लेकर लोगों के नाम लिस्ट से निकाल दिये हैं। अधिकारियों ने किसी की बात नही सुनी।