फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'गोशाला के अंदर ले जाता है और मेरे साथ गंदा काम करता है', बच्ची ने सुनाई जल्मों की दास्तां

Sat, 29 Jul 2017 09:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Sat, 29 Jul 2017 09:55 AM IST
hisar ashram girl rape and sexual harassment case
बच्ची से यौन शोषण
आश्रम में बच्ची को गुमसुम बैठे देखा तो वो कारण पूछ बैठी। जवाब में बच्ची ने रो रोकर जुल्मों को वो दास्तां सुनाई कि वह ऊपर से नीचे तक सिहर उठी, पड़िए कहानी।
hisar ashram girl rape and sexual harassment case
बच्ची से यौन शोषण - फोटो : demo pics
मामला हरियाणा के हिसार का है। एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने जिले के एक आश्रम में चर्चित यौन शोषण प्रकरण के आरोपी गोपाल दास को दोषी करार दिया है। दोषी केयर टेकर का भाई है। दोषी को कोर्ट शनिवार को सजा सुनाएगी। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में दो अक्तूबर 2015 में छेड़छाड़, मारपीट करने, अश्लील शब्द बोलने, रेप, पॉक्सो एवं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। 
hisar ashram girl rape and sexual harassment case
बच्ची से यौन शोषण
डीसी की शिकायत पर हुआ था केस दर्ज      
तत्कालीन डीसी चंद्रशेखर खरे ने केस दर्ज होने से तीन दिन पहले एसपी को शिकायत दी थी। आश्रम में दो किशोरियों के यौन शोषण की बात सामने आई थी। मामला महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस के पास पहुंच गया था। महिला थाना पुलिस ने दोनों लड़कियों की सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराई थी। पुलिस ने गोपाल, उसकी केयरटेकर बहन और एक अन्य युवक के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया। गोपाल दास, विनोद और आश्रम से जुड़ी एक युवती को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
hisar ashram girl rape and sexual harassment case
बच्ची से यौन शोषण
एक्ट के अनुसार नहीं पाया गया आश्रम       
प्रशासनिक और महिला एवं बाल विभाग के अधिकारियों ने आश्रम का दौरा किया था। टीम ने पाया था कि आश्रम में बच्चों के रहने वाली जगह जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अनुसार नहीं है। उस समय आश्रम में रहने वाले 18 साल तक के लड़के-लड़कियों की संख्या लगभग 51 थी। प्रशासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग दिल्ली को रिपोर्ट भेजी थी। आश्रम रजिस्टर्ड नहीं मिला था। यह मामला तब खूब चर्चित रहा था। 
hisar ashram girl rape and sexual harassment case
बच्ची से यौन शोषण
यूं खुले थे राज      
आश्रम में आठ मई वर्ष 2015 को स्टेट इंस्पेक्शन कमेटी की टीम आई थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने एक किशोरी को उदासी की हालत में एक टेबल पर अकेले बैठे देखा था। ऑब्जर्वेशन के आधार पर टीम के एक सदस्य ने नाबालिग लड़की से पूछा कि क्या बात है बेटा, सब ठीक तो है। इस पर किशोरी ने केवल इतना कहा कि यहां कुछ ठीक नहीं। इससे ज्यादा उसने कोई बात नहीं की। आश्रम प्रबंधन से भी किशोरी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं है, ये लड़की पागल है।
अगली फोटो गैलरी देखें
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed