2000 के जाली नोट छापने वाले मोहाली गैंग के मास्टरमाइंड ने एक बार फिर पुलिस को चौंका दिया। उसकी निशानदेही पर एक और घर से लाखों का 'खजाना' मिला।
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मोहाली में नकली नोट बनाने वाला गिरोह पकड़ा
पुलिस ने 42 लाख की जाली करेंसी के साथ पकड़े गए अभिनव वर्मा के ड्राइवर प्रमोद को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर बुधवार को पुलिस ने 19 लाख 84 हजार रुपये की नई जाली करेंसी बरामद की है। उक्त राशि में सारे नोट दो हजार रुपये के हैं। यह राशि पुलिस ने जगतपुरा के एक घर से बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि वहां प्रमोद किराए पर रहता था।
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2000 के नकली नोट छापने वाले मोहाली के भाई-बहन
एरिया में रहने वाले लोगों व घर के मालिक से भी इस बारे में पूछताछ की जा रही है। ताकि नोटों के काले कारोबार से पर्दा उठाया जा सके। सोहाना थाने के एसएचओ हरसिमरन बल ने भी इसकी पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम पुलिस की टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ प्रमोद को साथ लेकर जगतपुरा के उस घर में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने हरे और काले रंग के लिफाफे में रखे 19 लाख 84 हजार रुपये के नोट बरामद किए।
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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उक्त नोट नकली हैं। पुलिस ने तुरंत उन्हें कब्जे में लेकर केस प्रॉपर्टी बना दिया। साथ ही पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जिक्रयोग है कि 30 नवंबर को सोहाना पुलिस ने जगतपुरा टी-प्वाइंट पर स्पेशल नाके के दौरान क्यू सीरीज की वीआईपी नंबर वाली बत्ती लगी ऑडी कार को दबोचा था। जब कार की तलाशी ली गई तो 42 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई थी।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था। इनमें अभिनव वर्मा, विशाखा वर्मा व सुमन नागपाल शामिल थे। जबकि हर्ष और प्रमोद उस समय पकड़ में नहीं आए थे। इस दौरान आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वह तीस फीसदी कमीशन काटकर हजार व पांच सौ के पुराने नोट बदलते थे। इसके बाद पुलिस को मुल्लांपुर के दो लोगों ने भी इस संबंधी शिकायत दी थी। फिर पुलिस ने अभिनव के घर दबिश देकर 14 लाख के नोट बरामद किए थे।