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मां-बाप और 2 बेटियां जिंदा दफन, खौफनाक तस्वीरें

Sun, 01 Feb 2015 07:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 01 Feb 2015 07:48 AM IST
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मां-बाप और 2 बेटियां जिंदा दफन, खौफनाक तस्वीरें

creepy accident in samalakha, 4 family person died
छत गिरने से एक ही परिवार के 4 लोग जिंदा दफन हो गए। मरने वालों में मां-बाप और उनकी दो जवान बेटियां शामिल हैं। ये हृदयविदारक हादसा, पानीपत जिले के समालखा कस्बे में हुआ। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर लोगों ने मलबे को हटाया तो पति-पत्नी और उनकी दोनों बेटियों की सांसें थम चुकी थी।

मां-बाप और 2 बेटियां जिंदा दफन, खौफनाक तस्वीरें

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सीताराम (42) कृष्णा कालोनी में अपनी पत्नी सोना देवी (40) और दो बेटियों मनीषा (22) और प्रीति (21) के साथ रहता था। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसके साथ लगते घरों में सीताराम के तीन भाई रहते हैं। शुक्रवार रात को वह अपने परिवार के साथ सोया था, रात छत ही गिर गई।

मां-बाप और 2 बेटियां जिंदा दफन, खौफनाक तस्वीरें

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सुबह पास की ही एक महिला उसके घर पर दूध लेने के लिए आई। मगर काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने साथ के घरों से उसके भाइयों को उठाया। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य देखकर सभी कांप उठे। कमरे की छत गिरने से चारों मलबे के नीचे दबे थे।
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मां-बाप और 2 बेटियां जिंदा दफन, खौफनाक तस्वीरें

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काश मृतक सीताराम का भाई मामन रात को करीब तीन बजे आवाज आने के बाद भाई को उठाने का प्रयास करता तो शायद मौके पर उनको सहायता मिल सकती थी। काश! प्रशासन को कई बार गुहार लगाने के बाद छत पक्की करने के लिए उन्हें सहायता मिल जाती। तो ये हादसा नहीं होता।
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सीताराम का परिवार करीब 37 वर्ष पूर्व बुढ़नपुर, राक्सेड़ा से माता-पिता और भाइयों के साथ आकर कृष्णा कॉलोनी में बसे थे। मृतक सीताराम की बड़ी बेटी मनीषा एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी और उसको मिलने वाले वेतन से ही घर चलता था। थोड़ा बहुत सहारा उसके भाई भी लगा देते थे।
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