{"_id":"58c7c8f54f1c1bb76032a53a","slug":"congress-leader-navjot-singh-sidhu-political-career-punjab-assembly-election-2017","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पंजाब की राजनीति के बड़े खिलाड़ी बन गए हैं नवजोत सिद्धू, देखिए उनका पॉलीटिकल कैरियर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब की राजनीति के बड़े खिलाड़ी बन गए हैं नवजोत सिद्धू, देखिए उनका पॉलीटिकल कैरियर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Mar 2017 09:17 AM IST
विज्ञापन
नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
क्रिकेटर से कॉमेडियन और राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू आज पंजाब की राजनीति के बड़े खिलाड़ी बन गए हैं। उनके अब तक के राजनीतिक कैरियर पर एक नजर।
Trending Videos
नवजोत सिद्धू
बीजेपी से और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर राजनीति में खलबली मचाने के बाद सिद्धू ने मझे हुए राजनेता की तरह चाल चली। पहले आवाज-ए-पंजाब नाम से राजनीतिक फ्रंट बनाया। कांग्रेस में उसका विलय करने की सोची, पर बात नहीं बनी। फिर खुद कांग्रेस ज्वॉइन कर ली और अब विधानसभा चुनाव जीतकर नई सरकार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
नवजोत सिद्धू
ऐसे में सिद्धू अब पंजाब की राजनीति का बेहद अहम किरदार बन गए हैं। वैसे भी पंजाब चुनाव के दौरान जिस तरह से आम आदमी पार्टी व राज्य के अन्य दलों ने उन्हें अपने पाले में लाने की जी तोड़ कोशिश कोशिश की, उससे साफ है सिद्धू काफी अहम हैं। क्रिकेट के मैदान से नाम कमाकर, फिर टीवी से सहारे देश में पहचान बनाकर और अपने दमदार जुमलों का राजनितिक मंचों पर इस्तेमाल कर सिद्धू एक मजबूत राजनीतिक शख्सियत बने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धू की छवि एक स्टार नेता की है जो अपनी राजनीतिक वाकटुपता से मंचों पर किसी को भी धराशायी करने का माद्दा रखता है। चुनावी रैलियों में भीड़ जमा करने में सिद्धू को कोई मुश्किल नहीं होती, बस यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी है। आधुनिक जमाने की भाषा हो, अंग्रेजी या हिंदी और पंजाबी के ठेठ जुमले हों, इन्हें सिद्धू को अपनी जुबान पर लाने में जरा भी देर नहीं लगती।
विज्ञापन
Navjot singh sidhu
- फोटो : अमर उजाला
लिहाजा युवा जनसमूह हो या ठेठ देसी जमावड़ा सिद्धू आसानी से लोगों तक अपनी बात कह जाते हैं। सूट-बूट पहनने वाले सिद्धू जाट सिख है और जो पंजाब के चुनावी समीकरण में आसानी से फिट हो जाते हैं। सिद्धू की छवि परंपरागत नेताओं से बिल्कुल अलग है और उनकी अपील ज्यादा व्यापक है। सिद्धू अपनी जनसभाओं में नए दौर की नई राजनीति की बात करते हैं। सिद्धू 2004 में राजनीति में आए और छा गए।