मुख्यमंत्री ने देर रात मारा पुलिस थाने में छापा, तस्वीरें
सीएम बगैर किसी सुरक्षा अपने ओएसडी जवाहर यादव की कार में सेक्टर-पांच थाना पहुंचे। उन्होंने थाना की सफाई व्यवस्था, बिजली पर ऐतराज करते हुए अधिकारियों की फटकार लगाई। निरीक्षण करने के बाद एसएचओ की कुर्सी पर बैठकर सीएम ने वहां मौजूद सभी प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की क्लास ली। इस बदहाली के लिए सीएम ने फटकार लगाते हुए थानों की स्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए।
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चौंकाने वाली बात यह है कि जिले की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को इतनी भनक नहीं मिल सकी कि सीएम थाने में हैं। सीएम की पहुंचने के बाद भी काफी देर बाद वहां पीसीआर पहुंची।सेक्टर-पांच थाने का दौरा करने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि अचानक उनका यह प्रोग्राम बना।
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उन्होंने मीडिया कर्मियों से मजाकिया लहजे में कहा कि आपके पहुंचने के बाद अब सुरक्षा कर्मियों को बुलाना पड़ेगा। करीब 35-40 मिनट तक सीएम शहर के प्रमुख सेक्टर-पांच थाना में रुके और एसएचओ की कुर्सी पर बैठने के थोड़ी देर बात उन्हें जूस सर्व किया गया। जैसे ही सीएम के पहुंचने की खबर मिली तुरंत डीसी, डीसीपी, एसीपी, एसएचओ, सीएमओ भी पहुंच गए और अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
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थाने की स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने करीब 15 मिनट तक अधिकारियों की क्लास ली। थाने के इर्द गिर्द की अव्यवस्था को देखकर सीएम ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे हालात दोबारा नहीं दिखने चाहिए और इसमें सुधार जरूरी है। तीनों पुलिस कर्मियों की जांच के लिए तीनों को अस्पताल भेजा गया।
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हैरानी की बात यह है कि मेडिकल जांच के लिए जब सीएमओ को कहा गया तो उनके पास सिर्फ स्ट्रेथोस्कोप था और उसे ही लेकर उन्होंने ड्रंकन होने की जांच कर ली और सीएम को इस बारे में जानकारियां भी दी। अब सवाल यह भी उठता है कि आखिरकार एल्कोमीटर क्यों नहीं मंगवाया गया। अगर, यह सुविधा अस्पताल से नहीं थी तो सीएम को उनकी जांच के बारे में कैसे और क्या रिपोर्ट दी गई। इस बारे में सीएमओ वीके बंसल से जब बात करने की कोशिश की गई तो जवाब नहीं मिला।