ऐसी तस्वीरें शायद आपने पहले कभी भी नहीं देखी होंगी। सीएम शिकायत सुनने पहुंचे लेकिन एक के बाद एक शिकायतों की ऐसी झड़ी लगी कि सीएम साहब मुस्कराकर निकलते बने।
करनाल के प्रेम नगर में सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन कर जब सीएम बाहर निकले तो कुछ महिलाएं उनसे मिलने के लिए आगे बढ़ीं। रोती हुई महिलाएं सीएम से मिलना चाहती थीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सीएम तक पहुंचने ही नहीं दिए। महिलाओं को धक्का देकर दूर हटा दिया गया। सीएम भी यह नजारा देख रहे थे, लेकिन वे इससे अनजान बनते हुए अपनी गाड़ी में बैठ गए।
इसके बाद महिलाएं फिर से सीएम के वाहन के पास पहुंच गईं। सुरक्षाकर्मियों ने फिर से उन्हें धक्के मारकर वहां से हटाया। यह सब अपनी गाड़ी में बैठकर सीएम उन्हें देखते रहे, लेकिन फिर भी महिलाओं को अपने पास नहीं बुलाया।
इसी तरह विकास सदन के पास वार्ड-19 के जिला पार्षद दीपक त्यागी ने बैठक से बाहर निकलते सीएम से हाथ जोड़कर शिकायत सुनने और ग्रांट दिलाने की गुजारिश की, लेकिन उन्होंने बात को अनसूनी कर दी। इसके बाद जोर से आवाज लगाते हुए त्यागी ने कहा कि सीएम साहब कम से कम जिला परिषद में जो 4.35 करोड़ का घोटाला हुआ है, उसकी तो जांच करा लीजिए, लेकिन वे अपनी गाड़ी बैठकर मुस्कुराते रहे और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दूर हटा दिया।
त्यागी ने कहा कि जिला परिषद बनने के बाद से वार्ड 19,5,17,16,22 को कोई ग्रांट नहीं मिला है। यहां पर सिर्फ घोटाला हो रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा, रामनगर की रहने वाली शकुंतला और उनके बेटे गुलशन ने कहा कि एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने उनके पिता को काफी परेशान कर रखा था। इस कारण उनके पिता ने कुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली। इसके बाद उस पुलिसकर्मी ने उनके कबाड़ की दुकान पर कब्जा कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसकी शिकायत लेकर वे सीएम के पास पहुंचे थे।