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राज्यपाल बलराम दास टंडन की निधन के बाद पहली तस्वीरें आई सामने, कर लें अंतिम दर्शन

Thu, 16 Aug 2018 09:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 16 Aug 2018 09:51 AM IST
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Chattisgarh Governor Balram Das Tandon Dead Body in Chandigarh
राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलराम दास टंडन का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ पहुंच चुका है। निधन के बाद उनकी पहली तस्वीरें सामने आई हैं, यहां क्लिक करके आप भी कीजिए अंतिम दर्शन।
Chattisgarh Governor Balram Das Tandon Dead Body in Chandigarh
राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन
पंजाब में उपमुख्यमंत्री रह चुके बलरामजी दास टंडन का मंगलवार दिनांक 14 अगस्त 2018 की दोपहर को बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। सीने में बैचेनी की शिकायत के बाद उन्हें रायपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
Chattisgarh Governor Balram Das Tandon Dead Body in Chandigarh
राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन
बलराम दास टंडन का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ पहुंच चुका है। पार्टी ऑफिस कमलम में सुबह 9 बजे उनका पार्थिव शरीर संगत दर्शन के लिए रखा गया। उनका अंतिम संस्कार 16 अगस्त दिन वीरवार को बाद दोपहर 1.30 बजे सेक्टर 25 में होगा। यह जानकारी बीजेपी चंडीगढ़ के महामंत्री जिला 2 चरणजीत ने दी।    
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Chattisgarh Governor Balram Das Tandon Dead Body in Chandigarh
राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन
पंजाब भाजपा के दिग्गज नेता और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन उन लोगों में से थे, जिन्होंने भारतीय जनसंघ को स्थापित किया। 1953 में एक पार्षद के तौर पर उनका सियासी सफर शुरू हुआ और आगे चल कर वह डिप्टी सीएम बने। टंडन का जन्म 1927 में अमृतसर में हुआ था। उन्होंने 16 की आयु में ही आरएसएस ज्वाइन कर लिया था। 1946 में वह प्रचारक बने। 
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Chattisgarh Governor Balram Das Tandon Dead Body in Chandigarh
राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन
शुरुआती राजनीति के दौरान टंडन की छवि एक समाजसेवी की थी। उन्होंने गरीब मरीजों केलिए मुफ्त मेडिकल डिस्पेंसरी चलाईं। विभाजन के समय पाकिस्तान से आने वाले लोगों के लिए खाने, कपड़ों का इंतजाम किया। 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने सरहद पर लड़ रहे जवानों के लिए कैंटीन का प्रबंध किया। बाद के दौर में भी कॉम्पिटेंट फाउंडेशन के जरिए उनकी समाजसेवा जारी रही। जोकि खूनदान कैंप लगाता है, मुफ्त दवाएं, राशन वितरण करता है, गरीबों के ऑपरेशन करवाता है।

 

 
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