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चंडीगढ़ थियेटर फेस्टिवल का आज से आगाज, इन नामचीन कलाकारों का लगेगा जमावाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Aug 2018 09:57 AM IST
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चंडीगढ़ का टैगोर थियेटर अब आपके लिए लेकर आ गया है चंडीगढ़ थियेटर फेस्टिवल। इसमें लगातार तीन दिन तक देश और थियेटर के नामचीन आर्टिस्टों के अभिनय पर ठहाके लगाएंगे। डिपार्टमेंट आफ कल्चरल अफेयर्स चंडीगढ़ प्रशासन और टैगोर थियेटर सोसायटी की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल की शुरुआत रांग नंबर नाटक से होगी। अमर उजाला फाउंडेशन इस इवेंट का पार्टनर है। इस नाटक का मंचन टैगोर थियेटर में वीरवार को किया जाएगा।
चाहे कुछ भी हो थियेटर नहीं छोड़ा
राकेश बेदी
अविनाश का अपने बॉस की बीवी कामिनी (तनाज ईरानी) से अफेयर होता है। दोनों देर रात तक बाहर मस्ती करते हैं। एक ओर कामिनी भुलक्कड़ पति की इस कमजोरी का फायदा उठाकर रोजाना कुछ न कुछ बहाना बना देती है तो दूसरी ओर अविनाश की पत्नी रंजना (दिलनाज ईरानी) का पति की इस हरकत पर रोजाना झगड़ा होता है। नाटक में ट्विस्ट तब होता है जब तीसरे दंपति नटवर (अवतार गिल) और पूनम (किश्वर मर्चेंट) की इंट्री होती है। अविनाश की आशिक मिजाजी की पोल एक फोन कॉल से खुल जाती है, जो उसकी एक और गर्लफ्रेंड का होता है।
प्रसिद्ध बॉलीवुड आर्टिस्ट और रंगकर्मी राकेश बेदी ने कहा कि थियेटर नहीं बदला है। थियेटर में पहले भी कलाकार मेहनत करते थे और अभी भी करते हैं। उन्होंने कहा कि थियेटर के कलाकारों को घर में चैलेंज का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जब वह नाटक करते थे तो उस समय कभी कुछ रुपये मिल जाते तो कभी कुछ।
घर वाले कोसते भी थे लेकिन नाटक करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि सिर्फ उन लोगों ने ही नहीं, संजीव कुमार, कादर खान, एके हंगल, बलराज साहनी, पृथ्वी राज कपूर जैसे आर्टिस्टों ने भी थियेटर से काफी कुछ सीखा था। उन्होंने कहा कि वह पंद्रह वर्ष से चंडीगढ़ आ रहे हैं और यहां की आडियंस उनको बेहद अच्छी लगती है।
प्रसिद्ध बॉलीवुड आर्टिस्ट और रंगकर्मी राकेश बेदी ने कहा कि थियेटर नहीं बदला है। थियेटर में पहले भी कलाकार मेहनत करते थे और अभी भी करते हैं। उन्होंने कहा कि थियेटर के कलाकारों को घर में चैलेंज का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जब वह नाटक करते थे तो उस समय कभी कुछ रुपये मिल जाते तो कभी कुछ।
घर वाले कोसते भी थे लेकिन नाटक करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि सिर्फ उन लोगों ने ही नहीं, संजीव कुमार, कादर खान, एके हंगल, बलराज साहनी, पृथ्वी राज कपूर जैसे आर्टिस्टों ने भी थियेटर से काफी कुछ सीखा था। उन्होंने कहा कि वह पंद्रह वर्ष से चंडीगढ़ आ रहे हैं और यहां की आडियंस उनको बेहद अच्छी लगती है।
कलाकार
अब देखें कश्मीरा की मरने भी दो यारों
प्रसिद्ध बॉलीवुड आर्टिस्ट कश्मीरा शाह अब जल्द ही लेकर आ रही हैं मरने भी दो यारों। यह एक बॉलीवुड मूवी है, जिसके कश्मीरा ने डायरेक्ट किया है। इसमें कश्मीरा के साथ कृष्णा, ऋषभ चौहान, किरण कुमार हैं। कश्मीरा ने बताया कि थियेटर उनकी पसंद है और वह काफी समय से काम कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में शार्ट फिल्म कास्टिंग काउच मूवी बनाई जिसके लिए उनको अवार्ड भी मिला। उन्होंने कहा कि बाजीराव मस्तानी और प्यार का पंचनामा उनको बेहतर मूवी लगीं। कश्मीरा ने कहा कि थियेटर में पहले सेट आडियंस होती थी, अब ऐसा नहीं रह गया है, समय के साथ ही पैरेंट्स अपने किड्स को लेकर भी थियेटर में आते हैं जो कि अच्छी बात है।
मिशन से ही मिलती है मंजिल
प्रसिद्ध कैरेक्टर आर्टिस्ट अवतार गिल ने कहा कि थियेटर उनके लिए एक मिशन है। उन्होंने बताया कि काफी समय से रमन कुमार, राकेश बेदी, राजेश पुरी और वह एकसाथ काम कर रहे थे। चंडीगढ़ में कई नाटक किए हैं और सभी इप्टा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनकी एक्टिंग हमेशा परफेक्ट रहने का कारण भी थियेटर है। उन्होंने बताया कि वक्त के साथ बेशक थियेटर की वैल्यू बदली पर आर्टिस्टों की वैल्यू नहीं बदली। उन्होंने कहा कि इप्टा वास्तव में नान कामर्शियल प्ले करती है। लेकिन इप्टा के साथ जुड़े कलाकार शानदार हैं।
प्रसिद्ध बॉलीवुड आर्टिस्ट कश्मीरा शाह अब जल्द ही लेकर आ रही हैं मरने भी दो यारों। यह एक बॉलीवुड मूवी है, जिसके कश्मीरा ने डायरेक्ट किया है। इसमें कश्मीरा के साथ कृष्णा, ऋषभ चौहान, किरण कुमार हैं। कश्मीरा ने बताया कि थियेटर उनकी पसंद है और वह काफी समय से काम कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में शार्ट फिल्म कास्टिंग काउच मूवी बनाई जिसके लिए उनको अवार्ड भी मिला। उन्होंने कहा कि बाजीराव मस्तानी और प्यार का पंचनामा उनको बेहतर मूवी लगीं। कश्मीरा ने कहा कि थियेटर में पहले सेट आडियंस होती थी, अब ऐसा नहीं रह गया है, समय के साथ ही पैरेंट्स अपने किड्स को लेकर भी थियेटर में आते हैं जो कि अच्छी बात है।
मिशन से ही मिलती है मंजिल
प्रसिद्ध कैरेक्टर आर्टिस्ट अवतार गिल ने कहा कि थियेटर उनके लिए एक मिशन है। उन्होंने बताया कि काफी समय से रमन कुमार, राकेश बेदी, राजेश पुरी और वह एकसाथ काम कर रहे थे। चंडीगढ़ में कई नाटक किए हैं और सभी इप्टा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनकी एक्टिंग हमेशा परफेक्ट रहने का कारण भी थियेटर है। उन्होंने बताया कि वक्त के साथ बेशक थियेटर की वैल्यू बदली पर आर्टिस्टों की वैल्यू नहीं बदली। उन्होंने कहा कि इप्टा वास्तव में नान कामर्शियल प्ले करती है। लेकिन इप्टा के साथ जुड़े कलाकार शानदार हैं।
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रमन कुमार
अब जल्द ही देखेंगे नए नाटक
प्रसिद्ध डायरेक्टर रमन कुमार ने बताया कि वह जल्द ही अपने नए नाटक के साथ होंगे। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन में फिल्में भी हैं। नाटक रांग नंबर को उन्होंने कानपुर में शूट किया तो आनंद आ गया था। उन्होंने बताया कि वास्तव में नाटक को लिखने के लिए पब्लिक के बीच जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उसी से नए कंटेंट उसमें पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा लगा कि हिंदी थियेटर में स्क्रिप्ट की कमी हो गई है, लेकिन ऐसा नहीं है। नए टैलेंट आ चुके हैं और अच्छे नाटक लिखे जा रहे हैं।
प्रसिद्ध डायरेक्टर रमन कुमार ने बताया कि वह जल्द ही अपने नए नाटक के साथ होंगे। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन में फिल्में भी हैं। नाटक रांग नंबर को उन्होंने कानपुर में शूट किया तो आनंद आ गया था। उन्होंने बताया कि वास्तव में नाटक को लिखने के लिए पब्लिक के बीच जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उसी से नए कंटेंट उसमें पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा लगा कि हिंदी थियेटर में स्क्रिप्ट की कमी हो गई है, लेकिन ऐसा नहीं है। नए टैलेंट आ चुके हैं और अच्छे नाटक लिखे जा रहे हैं।
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कलाकार
और नाटक करने के बाद हुआ आपरेशन
राजेश पुरी को आप जानते होंगे पर शायद ही आपको यह मालूम हो कि राजेश पुरी नाटक के लिए कितने ज्यादा डिवोटेड हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर में नाटक का मंचन था और नाटक के पहले उनको समस्या होने पर एमआरआई करवाया गया और डाक्टर ने कहा कि तुरंत आपरेट करना होगा। उनका नाटक का मंचन था ऐसे में उन्होंने आपरेशन करने से मना कर दिया और डाक्टर से कहा कि दवा दे दें। उन्होंने तुरंत ही दवा दी और नाटक में परफारमेंस दी और जैसे ही मुंबई पहुंचे तुरंत आपरेशन करवाया।
राजेश पुरी को आप जानते होंगे पर शायद ही आपको यह मालूम हो कि राजेश पुरी नाटक के लिए कितने ज्यादा डिवोटेड हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर में नाटक का मंचन था और नाटक के पहले उनको समस्या होने पर एमआरआई करवाया गया और डाक्टर ने कहा कि तुरंत आपरेट करना होगा। उनका नाटक का मंचन था ऐसे में उन्होंने आपरेशन करने से मना कर दिया और डाक्टर से कहा कि दवा दे दें। उन्होंने तुरंत ही दवा दी और नाटक में परफारमेंस दी और जैसे ही मुंबई पहुंचे तुरंत आपरेशन करवाया।