चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में खुद पर उठ रहे एक सवाल का जवाब देते हुए पीड़िता वर्णिका कुंडू ने नया खुलासा किया और आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी बात की, जानिए क्या कहा।
मामले के राजनीतिक रूप लेते ही वर्णिका पर सवाल उठने लगे कि वह इतनी रात को बाहर क्या कर रही थी। इस बात का मुंहतोड़ जवाब देते हुए वर्णिका ने कहा कि मैं एक आईएएस की बेटी हूं, फिर भी मेहनत करती हूं। मैं कैफे में डीजे हूं और उस रात को काम से ही लौट रही थी। मेरे घर वालों को पता था कि मैं कहां हूं। मुझे पुलिस सिस्टम पर भरोसा है। मैं इस केस में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। मुझे पूरा भरोसा है कि मुझे जरूर न्याय मिलेगा।
वर्णिका ने कहा कि जब मैंने शुक्रवार को शिकायत दी तो शनिवार को मीडिया ने मुझे मुंह ढक कर बयान देने के लिए कहा, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। क्योंकि मैंने कुछ गलत नहीं किया। मेहनत करके खाना कोई गलत बात नहीं। चेहरा तो उन्हें(आरोपियों को) छिपाना चाहिए, जिन्होंने ये हरकत की है और उन्हें चेहरा छिपाना भी पड़ा। उस रात मेरे साथ कुछ भी हो सकता था। अपहरण हो सकता था, रेप हो सकता था। मेरी हत्या भी हो सकती थी, अगर ऐसा कुछ हो जाता तब भी लोग यही करते क्या।
दूसरी ओर, वर्णिका के पिता ने कहा कि वह पुलिस जांच में दखलंदाजी नहीं करना चाहते। मुझे विश्वास है कि पुलिस अपना काम सही तरीके से कर रही है और मुझे इंसाफ मिलेगा। गिरफ्तारी से यह बात साफ हो गई है कि सिस्टम ठीक तरीके से चल रहा है। हालांकि आईएएस पिता ने कहा कि शुरुआती दौर में इस मामले में कुछ कोताही जरूर हुई, लेकिन वह कुछ लेागों के कारण हुई, सिस्टम की वजह से नहीं।
वर्णिका के पिता कुंडू ने कहा कि आरोपियों ने जो भी अपराध किए हैं, उसकी सजा मिलनी चाहिए। इसके लिए मुझे चाहे कुछ भी करना पड़े, मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं नहीं चाहता कि अपराधियों को अधिक या कम सजा मिले, अपराध के मुताबिक उन्हें सजा जरूर मिले। इस मामले में पुलिस के समक्ष सभी सच्चाई रखने के बाद अब उनकी जांच के बाद जो भी सजा हो मिलनी चाहिए।’