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50 हजार में टमाटर और 1 लाख में सेब बेचता था राम रहीम, ऐसे तय करता था अपने रेट

Fri, 18 Jan 2019 06:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 18 Jan 2019 06:44 PM IST
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Chandigarh, ram rahim gets life imprisonment in journalist ramchandra chhatrapati murder case
राम रहीम

16 साल बाद सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के परिवार को इंसाफ मिल गया है। राम रहीम अभी रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। इस सजा के बाद राम रहीम की उम्रकैद की सजा शुरू होगी। रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में पंचूकला की विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आज रहीम रहाम अर्श पर और कानून के शिंकजे पर है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब राम रहीम की उगाई सब्जियां हजारों में बिका करती थी। 

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राम रहीम - फोटो : फाइल फोटो

हालत यह थे कि डेरे के टमाटर भी 50 हजार रुपये किलो तक बिकते थे। फिलहाल पूरा कारोबार चौपट हो गया है। डेरे की कंपनी एमएसजी के नाम पर राम रहीम वहां आने वालों पर अपने प्रभाव से बाजार भाव से हजारों गुना तक खाद्य वस्तुओं की कीमत वसूल रहा था। वह खुद ही एमएसजी के विज्ञापन करता था। लोगों से वसूली करने के लिए डीलर्स को भी मोटे इनाम दिए जाते थे। राम रहीम के लिए यह सच का सौदा पैसों का ऐसा पेड़ था, जिसमें हर फसल के सीजन में लाखों रुपये बरसते थे।   

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ram rahim - फोटो : File Photo

फलों की लगती थीं बोलियां
सिरसा डेरे में बादाम, सेव, अखरोट तक के भी पेड़ लगाए गए। मगर ज्यादा उत्पादन और मशहूरी तो अमरूद और टमाटरों से ही मिली। टमाटर 50 हजार रुपये किलो तक बिकते थे। फलों के तो कई दाम ही तय नहीं होते थे। डेरा संगत के सामने उनकी बोली लगवाता था। ऐसी ही एक बोली में सेब एक लाख रुपये का बिका। 

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ram rahim

अपना माल, अपना बाजार और अपने ही रेट
डेरे में कभी सिर्फ बिस्कुट बनाए जाते थे। इनसे राम रहीम को कमाई का ऐसा चस्का लगा कि धंधा फैलता गया। सड़क पर डेरे की नर्सरी के पास सब्जी शुरू में बाजार से दोगुने दाम पर ही बेची जाती थी। देखते ही देखते वहां होटल का निर्माण हुआ। बाबा ने एमएसजी कंपनी बना ली।

इसके शोरूम कई राज्यों में खोले गए थे। इस तरह राम रहीम का अपना माल, अपना बाजार और अपने रेट का फार्मूला उसके एक इशारे पर चलने लगा। राम रहीम के निर्देश पर अनुयायी एक दूसरे की होड़ में यह माल खरीदते और हजारों गुना दाम देने को विविश थे।

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राम रहीम

हालत यह हो गई कि एमएसजी की डीलरशिप लेने के लिए लोग मंत्रियों तक से सिफारिश कराने लगे थे। हर सत्संग या शो में डेरा प्रमुख किसी न किसी नए प्रोडक्ट को लांच करता था। 

गार्मेंट्स बिजनेस में भी यही खेल
अनुयायियों की भक्ति का लाभ लेने के लिए राम रहीम ने डेरे के रेडीमेट कपड़े, फुटवियर और सौंदर्य प्रसाधन भी लांच कर दिए। एमएसजी की टी-शर्ट की तो काफी बिक्री हुई। अनुयायी इसकी बिक्री को एक रिकार्ड बताते हैं। डेरे ने अपनी फार्मेसी भी खोली थी। आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर इस फार्मेसी से कई तरह की दवाएं बेची जाती थीं।

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