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अब अपनी कार शेयर करो और पैसा कमाओ, बड़े काम की है स्कीम देखिए

Mon, 30 Oct 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 30 Oct 2017 09:12 AM IST
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car sharing app to earn money invented by uiet chandigarh students
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अब लोग अपनी कार से भी पैसा कमा सकेंगे, बस शेयर करना होगा। एक स्कीम तैयार की गई है, जो जल्दी लॉन्च हो जाएगी। जानिए और फायदा उठाइए। दरअसल, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के तीन छात्रों ने मिलकर कार शेयर एप बनाया है। यह एप फिलहाल ट्राइसिटी के लिए है। इससे सफर करने पर ढाई रुपये प्रति किलोमीटर देने होंगे, जिसमें से दो रुपये कार के मालिक को भी मिलेंगे। इसमें लड़कियों की सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित फीचर रखे गए हैं।
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एप बनाने वाले रानू अग्रवाल, जशन सिंह ओबरॉय और परिचय ने शनिवार को पीयू में स्टार्टअप सेमिनार में भी इसे प्रस्तुत किया। दिसंबर तक इसे लॉंच किया जाएगा। कार शेयर एप के अलावा, ई-स्पोर्ट्स और इंटर हास्पिटल रेफर के लिए भी एक सिस्टम तैयार हुआ, जिसकी प्रस्तुति इस सेमिनार के दौरान दी गई।
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ऐसा है कार शेयर एप
क्वीकओ नाम के इस एप पर कार का मालिक बिना किसी खर्च के रजिस्टर कर सकता है। कार से कहीं जाना हो, तो शेयर करें। कोई उसी जगह जाने वाला मिल गया तो दो रुपये किलोमीटर के हिसाब से कमाई होगी। उदाहरण के तौर आपको कार से चंडीगढ़ सेक्टर-17 से पंचकूला सेक्टर-10 जाना है, तो एप पर शेयर करें। आपको कोई साथ जाने वाला मिल जाएगा।
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इस एप का फायदा होगा कि कम खर्च में अपनी जगह पहुंच जाएंगे। चार लोग भी अगर कार शेयर करके गए, तो सड़क पर गाड़ियों की संख्या में कमी आएगी। नतीजा यह होगा कि ज्यादा गाड़ियों से जाम लगने जैसे हालात नहीं होंगे। लड़कियों केलिए विकल्प है कि  सिर्फ वही गाड़ी चुन सकें, जिसकी मालकिन लड़की ही हो। एप में डीएनडी के नाम से एक खास बटन दिया गया है।

इसे दबाते ही लोकेशन शेयर हो जाएगी और सुरक्षा के लिए जो वैकल्पिक नंबर दिए गए थे, उन पर मैसेज चला जाएगा। रानू अग्रवाल और जशन सिंह ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग प्रतियोगिताओं से जीते गए पैसे जमा कर इस सिस्टम को तैयार किया है। फिलहाल इस एप पर कार मालिकों की रजिस्ट्रेशन कराने का काम चल रहा है। लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक को कंट्रोल करने में यह कार शेयर एप कारगर साबित होगी।

 

ई-स्पोर्ट्स से पैसे कमाने का मौका

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आईआईटी दिल्ली के पासआउट गुरुग्राम निवासी कबीर जैन ने प्ले एक्स नाम से एक एप बनाया है। इसमें ऐसे मोबाइल गेम रखे हैं, जिन्हें खेलकर पैसे कमाए जा सकते हैं। कबीर ने बताया फिलहाल 10 हजार के करीब गेमर इस एप का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसमें क्लैश रोयाल, एट बॉल पूल और फीफा गेम रखी गई हैं, जिन्हें खेलकर पैसे जीते जा सकते हैं। क्योंकि प्ले एक्स पर इन गेम्स की ऑन लाइन प्रतियोगिता कराई जाती है। इसके अलावा गेम एक्स एस नाम से एक ऑन लाइन स्टोर भी बनाया है, जिस पर गेम कीसेकेंड हेंड सीडी और डिवाइस खरीदे और बेचे जाते हैं।

पीजीआई के लिए बनाया मरीज को रेफर करने का सिस्टम
यूएस में एप्पल की नौकरी छोड़कर आए सिद्धार्थ ने दोस्त अतुल के साथ मिलकर जियो इनोवेशन के नाम से एक सिस्टम तैयार किया, जो खासतौर से अस्पतालों के लिए है। इसमें इंटर्नल रेफर सिस्टम है, जो फिलहाल पीजीआई के पीडियट्रीक विभाग में ट्रायल के तौर पर लगने जा रहा है।

इस सिस्टम से अगर कोई मरीज पीजीआई में रेफर होकर आएगा तो उसे बारे में पहले से अलर्ट मिल जाएगा। हालांकि इसके लिए वह अस्पताल इस सिस्टम में रजिस्टर होना चाहिए। सिद्धार्थ ने बताया कि पीजीआई अपने आस-पास के अस्पतालों के साथ टाईअप करेगा, ताकि इस सिस्टम से मरीज को मैनेज किया जा सके।
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