सतलुज के रास्ते सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश के मामले में बरामद चार क्विंटल मछलियों को धरती निगल गई या आसमान ले उड़ा? इस सवाल पर बीएसएफ और थाना ममदोट की पुलिस के दावे जुदा हैं। सतलुज दरिया से बरामद पाकिस्तानी नावों से मछली बरामद होने की पुष्टि तो हुई, लेकिन अब इनका सुराग नहीं मिल रहा है।
बीएसएफ के डीआईजी बीएस पुरोहित जहां एक ओर यह दावा कर रहे हैं कि नावों से बरामद मछलियाें को जांच के लिए हलके की पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, वहीं थाना ममदोट की पुलिस इससे साफ इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान के साथ उन्हें मछलियां मिलीं ही नहीं।
बीएसएफ के डीआईजी बीएस पुरोहित ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि बीएसएफ की ओर से सतलुज दरिया में दो पाकिस्तानी नावें, चार जाल और चार क्विंटल मछली पकड़ी गई थीं। दूसरी ओर मामले की जांच कर रहे एएसआई मेजर सिंह ने कहा कि बीएसएफ की तरफ से उन्हें एक शिकायत पत्र मिला है।
इसके अलावा पुलिस को दो नाव और चार जाल मिले हैं। इसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। मछलियों के संबंध में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि मछलियां उन्हें नहीं मिलीं। न ही मछलियों को रखने की सुविधा थाने में उपलब्ध है।
क्या है मामला
रविवार रात भारत-पाक सीमा पर सतलुज दरिया के रास्ते घुसपैठ की कोशिश नाकाम साबित हुई थी। यह वाकया फिरोजपुर बीएसएफ सेक्टर स्थित बीओपी दोना तेलु मल के पास का है। घुसपैठिए नाव पर सवार होकर भारतीय सीमा में करीब सात सौ मीटर तक अंदर तक आ चुके थे। भनक लगते ही बीएसएफ के जवानों ने उन पर फायरिंग की थी। इस बीच चार घुसपैठिए दरिया में छलांग लगाकर फरार हो गए। उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। छानबीन में बीएसएफ को मौके से दो नाच, चार जाल और चार क्विंटल मछली बरामद हुई है। बीएसएफ का दावा है कि घुसपैठिए पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे।