ब्लू व्हेल ने 16 साल के युवा क्रिकेटर की जान ले ली। उसने गेम का टास्क पूरा करते हुए फंदा लगा लिया, जानिए उसने कैसे टास्क पूरे किए और फिर मौत के टास्क तक पहुंचा।
पंचकूला निवासी दसवीं के छात्र करण ठाकुर ने ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करते हुए घर में ही फंदा लगा लिया। उसने मौत का फंदा लगाने से पहले ब्लू व्हेल गेम का लिंक रोहतक के एक छात्र को भेज दिया था। लिंक भेजना ही करन की गेम का आखिरी टास्क था, जिसे पूरा करते हुए उसने जान दे दी। दूसरी ओर, रोहतक का छात्र भी सोमवार को गेम का टास्क पूरा करने वाला था। वह अपने पिता के मोबाइल से ब्लू व्हेल गेम खेलता था।
इससे पहले ही पुलिस छात्र के घर पहुंच गई और उसकी काउंसिलिंग की। छात्र का पता करन के मोबाइल से चला, जिसमें तीन सेंकेंड की एक कॉल थी। ट्रूकॉलर में यह नंबर रोहतक के चौधरी नाम से मिला, जिसे ट्रेस करते हुए पुलिस छात्र तक पहुंची। वह सांपला के पास एक गांव का रहने वाला है और करन का दोस्त है। वह दो साल पहले वह पंचकूला में अपने चाचा के पास रह कर पढ़ाई करता था।
करण ठाकुर और वह पंचकूला में एक साथ 10वीं तक पढ़े। इसके बाद छात्र सांपला आ गया। दोनों ही नॉन मेडिकल के छात्र थे। पुलिस के अनुसार करण और उसका दोस्त काफी समय से ऑनलाइन गेम खेलते थे। छात्र के सांपला आने के बाद भी वह करण के साथ ऑनलाइन गेम खेलता था। जांच में सामने आया कि आत्महत्या से पहले करण ने करीब एक सप्ताह पहले ही ब्लू व्हेल गेम का लिंक डाउनलोड किया था।
पंचकूला की साइबर सेल की छानबीन में पता चला है, दोनों दोस्त व्हाट्स ऐप पर चैट करते थे। करण लगातार अपने टास्क पूरा करने के साथ दोस्त को भी टास्क पूरा करने के तरीके बताता था। पुलिस ने परिवार वालों को छात्र पर नजर रखने की सलाह दी है। छात्र का लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जानना चाहती है कि छात्र कहीं गेम खेलना शुरू तो नहीं कर दिया है। यदि उसने गेम खेलना शुरू कर दिया था तो कितने टास्क पूरा किया है।