बड़ा मार्मिक सीन था। सुखना के आईलैंड पर टीम के सदस्य गड्डा खोद रहे थे, ताकि बतखों को मारने के बाद वहां दफनाया जा सके। बतखें कतार में खड़ी उन्हें देख रही थी। रात तक सभी बतखों को के बाद उन्हें जलाकर लेक के आईलैंड पर दफना दिया गया। लेक पर मरी एक बतख में बर्ड फ्लू (एच-5 एन-1) कंफर्म होने के बाद बाकी बची बतखों को तुरंत मारने के आदेश जारी कर दिए थे।
आंखों के आगे कब्र खुद रही थी, इंतजार मौत का था..
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Dec 2014 09:53 AM IST
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आंखों के आगे कब्र खुद रही थी, इंतजार मौत का था..
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