8 नवंबर को जबसे पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया, पहली बार बड़ा पॉजीटिव इंपेक्ट सामने आया है। इससे मोदी जी भी खुश होंगे।
दरअसल, पांच सौ और एक हजार रुपये की करंसी बंद होने के बाद सरहद पर पाकिस्तान की तरफ से होने वाली हेरोइन की तस्करी के धंधे में काफी असर पड़ा है। पाकिस्तानी तस्कर भी भारतीय करंसी के पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट नहीं ले रहे हैं। जब से नोटबंदी के आदेश जारी हुए हैं तब से सीमा पार पाकिस्तान से हेरोइन किलो के पैकेट में नहीं बल्कि छोटे पैकेट (ग्राम) में आ रही है।
फिरोजपुर सेक्टर से 12 नवंबर को बीएसएफ ने तीन पैकेट पकड़े हैं जिनका कुल वजन सिर्फ पांच सौ ग्राम था। इससे साबित होता है कि भारतीय तस्करों से पाकिस्तानी तस्कर पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट नहीं ले रहे हैं। नोटबंदी से जहां कालेधन पर नकेल पड़ी है वहीं नशीले पदार्थों की तस्करी में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। पाकिस्तान से सरहद पर होने वाली हेरोइन की तस्करी पर गिरावट दर्ज की गई है।
इसके अलावा राजस्थान से पंजाब में आने वाले नशीले पदार्थ जैसे अफीम व चूरापोस्त में भी गिरावट देखने को मिली है। पंजाब पुलिस की क्राइम रिपोर्ट पर नजर डाली जाए तो जब से नोट बंदी हुई है तब से अफीम, चूरापोस्त व हेरोइन के पर्चे दर्ज नहीं हैं। अब सिर्फ देशी शराब के पर्चे देखने को मिल रहे हैं। ये सब कुछ नोटबंदी का असर है।
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एक तस्कर ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि वे बार्डर पर बैठे मुख्य भारतीय तस्करों से जरूरत के मुताबिक हेरोइन खरीदते थे। लेकिन जब से पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट बंद हुए हैं, उन्हें मुख्य तस्करों से हेरोइन नहीं मिल रही है। क्योंकि मुख्य तस्करों से पाकिस्तानी तस्कर भारतीय करंसी के पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट नहीं ले रहे हैं, इसलिए पाकिस्तान से हेरोइन की सप्लाई नहीं आ रही है।