{"_id":"5841b0354f1c1b2616de6a38","slug":"before-the-martyrdom-a-soldier-wrote-poem-to-his-wife","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पढ़िए, सीमा पर तैनात जवान की शहादत से पहले पत्नी को लिखी मार्मिक कविता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़िए, सीमा पर तैनात जवान की शहादत से पहले पत्नी को लिखी मार्मिक कविता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 03 Dec 2016 05:12 PM IST
विज्ञापन
शहादत से पहले पत्नी को लिखी मार्मिक कविता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा पर तैनात देश की रक्षा करता जवान घर बैठी अपनी पत्नी और बच्चों के बारे में क्या सोचता है, पढ़िए ये मार्मिक कविता।
- फोटो : File Photo
मैं कहना नहीं चाहता, लेकिन थक जाता हूं
मां के हाथ का दुलार, प्यार याद आता रहता है
अकसर बिटिया के नर्म हाथों का एहसास
यहां सर्दी में गश्त लगाते हुए महसूस होता है
मैं कहना नहीं चाहता, लेकिन सोचता रहता हूं...
मां के हाथ का दुलार, प्यार याद आता रहता है
अकसर बिटिया के नर्म हाथों का एहसास
यहां सर्दी में गश्त लगाते हुए महसूस होता है
मैं कहना नहीं चाहता, लेकिन सोचता रहता हूं...
सीमा पर तैनात जवान
- फोटो : File Photo
बाबा के दिल का दर्द, उनका चला जाना खलता है
मेरे इंतजार में तुम्हारा फोन के पास यूं ही बैठे रहना
मां की आंखों में मेरे अाने का इंतजार खलता है
फिर सोचता हूं अगर यही सोचूंगा तो ड्यूटी कैसे करूंगा...
मेरे इंतजार में तुम्हारा फोन के पास यूं ही बैठे रहना
मां की आंखों में मेरे अाने का इंतजार खलता है
फिर सोचता हूं अगर यही सोचूंगा तो ड्यूटी कैसे करूंगा...
विज्ञापन
विज्ञापन
border
- फोटो : PTI
इस तसल्ली में जीता हूं कि मेरी गश्त के दौरान
मैंने चौकसी बरती, और आतंकी फड़के नहीं
अबकी छुट्टियों में मां की गोद में सोऊंगा
बेटी के पास समय बिताऊंगा,
सबका ख्याल रखना, और मेरा भी, तुम्हारा ही हिस्सा हूं।
मैंने चौकसी बरती, और आतंकी फड़के नहीं
अबकी छुट्टियों में मां की गोद में सोऊंगा
बेटी के पास समय बिताऊंगा,
सबका ख्याल रखना, और मेरा भी, तुम्हारा ही हिस्सा हूं।