नोटबंदी के बाद कैश या कालाधन छिपाने वालों को सरकार ने एक और मौका दिया है। अगर इस वार्निंग पर ध्यान नहीं दिया तो कार्रवाई झेलनी होगी।
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मेंबर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स और प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर
चंडीगढ़ में सोमवार को सेक्टर-17 स्थित आयकर भवन में मेंबर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स और प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स राजेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसकी जानकारी दी।
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एटीएम पर लगी लंबी कतार
- फोटो : अमर उजाला
राजेंद्र कुमार ने बताया कि नोटबंदी के बाद कालेधन को उजागर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक और मौका दिया है। इसके तहत ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत घर, बैंक या पोस्ट आफिस में रखे कैश को घोषित करने का लोगों को मौका दिया गया है। इसके बावजूद सरकार को जानकारी न देने पर अगर कैश, बेनामी संपत्ति, निवेश आदि पकड़े जाते हैं तो 50 से 137 फीसदी तक जुर्माना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अगर कोई भी व्यक्ति घर, बैंक में रखे कैश की घोषणा करता है तो उसे 50 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। इसके अलावा कुल घोषित राशि का 25 फीसदी सरकारी योजना में चार साल के लिए जमा करवाना होगा। इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और यह राशि चार साल तक नहीं निकाल सकते हैं। शेष 25 फीसदी राशि आय घोषित करने वाले की व्हाइट मनी होगी। यह योजना 17 दिसंबर से शुरू हो चुकी है और 31 मार्च तक चलेगी।
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एटीएम पर रुपये निकालने पहुंचे लोग।
राजेंद्र कुमार के अनुसार अघोषित आय के बारे में बताने वालों के नाम गोपनीय रखे जाएंगे। लोग ई-मेल और आफिस में आकर प्रधान आयकर आयुक्त से मिलकर भी आय घोषित कर सकते हैं। इसके लिए आय घोषित करने वाले को एक फार्म भरना होगा। इसकी जांच विभाग अपने स्तर पर करेगा। घोषणा के साथ ही बैंक में जमा कराई गई रकम और उस पर दिए गए टैक्स का प्रूफ जमा कराना होगा। योजना के तहत घोषणा करने पर यह पैसा उसकी आय में शामिल नहीं माना जाएगा।