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जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था- चलो, स्कूल चलें हम...क्या आपको याद है वो गाना, वीडियो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 17 Aug 2018 05:11 PM IST
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Atal Bihari Vajpayee
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था- चलो, स्कूल चलें हम..., कुछ याद आया ये शब्द सुनकर। याद आया वो गाना, वो वीडियो, नहीं तो यहां देख लीजिए।
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Atal Bihari Vajpayee
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बच्चों की शिक्षा के बड़े पक्षधर थे। उनकी शिक्षा निती से देश को काफी फायदा हुआ। ये वाजपेयी की ही देन थी कि देश में 6 से 14 साल के बच्चों की प्राथमिक शिक्षा मुफ्त हुई। वाजपेयी ने ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'स्कूल चले हम' अभियान को शुरू किया था। ये बात काफी कम लोग जानते हैं कि दूरदर्शन पर आने वाला लोकप्रिय ऐड 'स्कूल चले हम' के पीछे उन्हीं का दिमाग था।
अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
अटल बिहारी बाजपेई की सरकार ने 2001 में सर्व शिक्षा अभियान योजना लॉन्च की थी। उस योजना का लोगो हर प्राइमरी स्कूल की दीवार पर ऑयल पेंट से बनाया जाता था। ऑयल पेंट का इतना बड़ा इस्तेमाल कभी देखा नहीं होगा। इस लोगो में एक बालक और बालिका दिखते थे, पेंसिल पर बैठे हुए। पेंसिल हैरी पौटर की इस जादुई झाड़ू का अहसास दिलाती थी, जिस पर बैठकर वो उड़ान भरता है।
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बनारस में नाश्ता करते अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : file photo
सवेरे सवेरे यारों से मिलने बन ठन के निकले हम
सवेरे सवेरे यारों से मिलने घर से दूर चलें हम
रोके से न रुके हम, मर्जी से चलें हम
बादल सा गरजें हम, सावन सा बरसे हम
सूरज सा चमकें हम, स्कूल चलें हम...
सवेरे सवेरे यारों से मिलने घर से दूर चलें हम
रोके से न रुके हम, मर्जी से चलें हम
बादल सा गरजें हम, सावन सा बरसे हम
सूरज सा चमकें हम, स्कूल चलें हम...
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अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
ये विज्ञापन दूरदर्शन पर आता था। स्कूल जाने का मन होता नहीं था उस दौर में, क्योंकि भयंकर कुटाई होती थी। फिर इस गाने से थोड़ा मोटिवेशन मिला। इसमें कश्मीर से केरल तक हर धर्म जाति, वेशभूषा वाले बच्चे स्कूल जाते दिखते थे। बहुत प्यारा लगता था। बाला और कणिका ने इसका डायरेक्शन किया था। मानव संसाधन मंत्रालय ने इसमें पैसा लगाया था। महबूब ने लिखा था और शंकर अहसान लॉय ने म्यूजिक दिया था। तब जाकर बना था ये कालजयी विज्ञापन।