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गोल्ड मेडलिस्ट विनेश फोगाट का पहला प्यार सोमबीर राठी नहीं कोई और है, खुद खोला राज बताया...
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 01 Sep 2018 05:41 PM IST
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विनेश फोगाट
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एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल विनर पहनवार विनेश फोगाट का पहला प्यार कौन है, जानना चाहेंगे। उन्होंने खुद बताया कि वे सबसे ज्यादा प्यार किससे करती हैं, पढ़ें स्पेशल इंटरव्यू।
विनेश फोगाट
पहलवानी मेरा पहला प्यार है और ओलंपिक गोल्ड मेडल जीता मेरा अगला लक्ष्य है। उसके बाद शादी के बारे में फैसला होगा। यह कहना है एशियन गेम्म में रेसलिंग में गोल्ड जीतकर देश की पहली भारतीय महिला रेसलर का गौरव हासिल करने वाली रेसलर विनेश फोगाट का। जोकि शुक्रवार को चंडीगढ़ में अपने मंगेतर सोमबीर के साथ यूटी खेल विभाग के रेसलिंग कोच दर्शन लाल की रिटायरमेंट सेरेमनी में पहुंचीं थीं।
विनेश फोगाट
बातचीत में विनेश ने बताया कि हमारे परिवार में हर एक को बस एक ही बात बताई जाती है कि हमेशा अपना लक्ष्य गोल्ड रखो। इसके लिए रास्ते में जितनी भी कठिनाई आए उसे धैर्य और कड़ी मेहनत से पार करो। एशियन गेम्स में जब पदक आया तो मेरे साथ साथ जब पूरे देशवासियों से बधाईयां मिलीं तो मेरे पूरे परिवार को मुझ पर गर्व महसूस हुआ। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं रहा। इंजरी के चलते पूरा एक साल अखाड़े से दूर रही। अखाड़े से इतने दिन दूर रहना किसी तकलीफ से कम नहीं था। इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी और जब वापसी की तो एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत कर ही दम लिया।
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विनेश फोगाट
वो दिन मेरा दिन था
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की बात को याद करते हए विनेश ने बताया कि हर खिलाड़ी का एक दिन होता है जिसमें वह बेहतर शानदार प्रदर्शन करता है। उस दिन मेरा दिन था, मैंने फाइनल राउंड में विरोधी पहलवान पर शुरू से दबाव बनाना शुरू कर दिया। अपने दांव से उसे चित करते हुए लगातार प्वाइंट बटोरती रही। मेरे दिमाग में यह नहीं था कि कितने बड़े खिलाड़ी से खेल रही हूं, बस यही ध्यान था कि कुछ भी हो जाए आज गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन करना है। मुझे खुशी है कि मैं पदक जीतने में कामयाब रही।
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की बात को याद करते हए विनेश ने बताया कि हर खिलाड़ी का एक दिन होता है जिसमें वह बेहतर शानदार प्रदर्शन करता है। उस दिन मेरा दिन था, मैंने फाइनल राउंड में विरोधी पहलवान पर शुरू से दबाव बनाना शुरू कर दिया। अपने दांव से उसे चित करते हुए लगातार प्वाइंट बटोरती रही। मेरे दिमाग में यह नहीं था कि कितने बड़े खिलाड़ी से खेल रही हूं, बस यही ध्यान था कि कुछ भी हो जाए आज गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन करना है। मुझे खुशी है कि मैं पदक जीतने में कामयाब रही।
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vinesh phogat
सोमबीर का मेरे लिए अंगूठी पहनाना सरप्राइज
बातचीत के दौरान विनेश फोगाट ने बताया कि एयरपोर्ट पर सोमबीर द्वारा सगाई की अंगूठी पहना मेरे लिए काफी सरप्राइज रहा। उन्हाेंने कहा कि मैं और सोमबीर बचपन के दिनों के दोस्त हैं और हम दोनों एक ही खेल से जुड़े हुए हैं। जिंदगी के हर मोड़ पर वह मेरा मनोबल बढ़ाता आ रहा है, चाहे स्थिति कैसी भी रही हो। जिस दिन वापिस भारत पहुंची तो मेरे जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट पर मुझे सोमबीर की ओर से सगाई की अंगूठी पहनाना मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। यह मेरे परिवार वालों का भी फैसला था।
बातचीत के दौरान विनेश फोगाट ने बताया कि एयरपोर्ट पर सोमबीर द्वारा सगाई की अंगूठी पहना मेरे लिए काफी सरप्राइज रहा। उन्हाेंने कहा कि मैं और सोमबीर बचपन के दिनों के दोस्त हैं और हम दोनों एक ही खेल से जुड़े हुए हैं। जिंदगी के हर मोड़ पर वह मेरा मनोबल बढ़ाता आ रहा है, चाहे स्थिति कैसी भी रही हो। जिस दिन वापिस भारत पहुंची तो मेरे जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट पर मुझे सोमबीर की ओर से सगाई की अंगूठी पहनाना मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। यह मेरे परिवार वालों का भी फैसला था।