फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कुछ इस तरह से विरोध प्रदर्शन करती दिखीं हजारों महिलाएं, जानें कहां और क्यों?

Wed, 31 Jan 2018 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Wed, 31 Jan 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
ASHA workers protest for wage hike
प्रदेश में 55 हजार कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी - फोटो : अमर उजाला
इस विरोध प्रदर्शन में इतनी ज्यादा महिलाएं इकट्ठी हो गईं कि गिरफ्तार करके ले जाने के लिए पुलिस के पास बसें कम पड़ गई। 
ASHA workers protest for wage hike
प्रदेश में 55 हजार कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी - फोटो : अमर उजाला
आठ से अधिक मांगें मनवाने के लिए 11 ट्रेड यूनियनों और अपने विभागों के संगठनों के बैनर तले सात सरकारी विभागों के 55 हजार से अधिक कर्मचारियों ने मंगलवार को पूरे हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके गिरफ्तारी दी। गुरुग्राम में 20,000 से अधिक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और गिरफ्तारी दी। इसमें काफी संख्या में निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल रहे। 
ASHA workers protest for wage hike
प्रदेश में 55 हजार कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी
कर्मचारियों के जेल भरो आंदोलन में कई जिलों में इतने कर्मचारी गिरफ्तारी देने पहुंचे कि प्रशासन बस तक की व्यवस्था नहीं कर पाया। इस कारण सैकड़ों कर्मचारी पैदल ही पुलिस लाइन में बनी अस्थायी जेल तक पहुंचे। इससे कई जिलों में जाम की स्थिति बन गई। वहीं, गिरफ्तार किये गए सभी कर्मचारियों को देर शाम छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ASHA workers protest for wage hike
प्रदेश में 55 हजार कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी
अधिकतर जिलों में प्रदर्शन करने वालों में आशा और आंगनबाड़ी वर्करों की संख्या अधिक रही। कर्मचारियों ने केंद्र के साथ ही प्रदेश सरकार पर भी कर्मचारी और मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित लघु सचिवालय में कर्मचारियों ने तीन से पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। इस बीच अधिकारियों को दफ्तर से बाहर नहीं जाने दिया। 
विज्ञापन
ASHA workers protest for wage hike
प्रदेश में 55 हजार कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी - फोटो : अमर उजाला
यह हैं कर्मचारियों की मांगें
1- न्यूनतम वेतन 18000 प्रतिमाह हो।
2- स्थायी काम स्थायी रोजगार दिया जाए।
3- कच्चे/ठेका कर्मियों को पक्का किया जाए व ठेका प्रथा पर रोक लगे।
4- श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव वापस लिए जाएं।
5- आशा मिड डे मील वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, ग्रामीण चौकीदारों, सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
6- मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए
7- निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्डों की सुविधाएं दी जाएं।
8- सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed