एक पिता का सपना होता है कि उसका बेटा बड़ा होकर नाम रोशन करेगा। लेकिन आज हम एक ऐसे बेटे की बात कर रहे हैं जिसने छोटी सी उम्र में अपने पिता को एक ऐसा तोहफा दे दिया, जिसकी चाह हर किसी को होती है। पिता को कमर पर स्प्रे मशीन बांधकर फसल में स्प्रे करते देख बेटे को अजीब लगा कि कितना वजन पीठ पर लदा हुआ है।
गजब का हुनर : पिता का दर्द देख बेटे ने छोटी उम्र में ही बना दिया अनोखा औजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटे ने उसी दिन पिता को वादा किया कि वह ऐसी स्प्रे मशीन बनाएगा, जिसमें कम मेहनत लगेगी और पीठ पर भी नहीं लादना पड़ेगा। जी हां, यहां बात कर रहे हैं महेंद्रगढ़ जिले के दोंगली गांव के रहने वाले 10वीं के छात्र अवनीत की। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर इस छात्र एक सोलर पंप तैयार किया है। सोलर पंप में 17.5 वोल्ट का एक पैनल लगाया गया है, जिसमें 12 वोल्ट की बैटरी अलग से लगाई गई है।
इस पंप का फायदा यह होगा कि स्प्रे करने के लिए इसे हाथ से ऊपर-नीचे करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैटरी लगी होने के कारण यह खुद ऑपरेट होगा। इसके अलावा इस पंप को ट्रॉली पर सेट किया गया है, जिसे पीठ पर लादने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
किसान उस ट्रॉली को हाथ से पकड़कर खींचता रहेगा और दूसरे हाथ में पाइप लेकर फसलों पर स्प्रे हो सकेगा। हालांकि अभी इस सोलर पंप का उपयोग बगीचे और सब्जी के खेत में ही किया जा सकता है। अवनीत का कहना है कि वह अब इसका बड़ा प्रारूप भी तैयार करेगा।
ऐसी मिली प्रेरणा- दरअसल, अवनीत के पिता सुधीर सिंह एक दिन खेत में फसलों पर स्प्रे कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने पीठ पर स्प्रे मशीन लादी हुई थी और थकान के कारण वह बार-बार उसे कभी पीठ से उतार रहे थे तो कभी फिर लाद लेते। पिता की थकान और परिस्थितियों को भांपकर उस दिन अवनीत ने कुछ अलग करने की ठानी। पिता को उपहार देने के लिए उसने यह सोलर पंप तैयार किया है।