आज ही के दिन 86 साल पहले शाम को 7:30 बजे भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दी थी। तो आज हम भगत सिंह के परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हे उस समय बागियों का परिवार कहा जाता था।
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भगत सिंह का परिवार
- फोटो : File Photo
जी हां, अंग्रेजी हुकूमत में शहीदे आजम भगत सिंह के परिवार को बागियों का परिवार कहा जाता था। यह कहना है, भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह संधू का।
किरणजीत सिंह संधू कहते हैं कि स्वार्थी राजनीतिज्ञों की वजह से देश में आज भी शहीदों के सपने साकार नहीं हुए हैं। आज भी देश जाति, धर्म, क्षेत्रवाद आदि में बंटा हुआ है। कुछ स्वार्थी नेता सत्ता के लालच में देश के प्रति फर्ज भूल रहे हैं।
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शहीदे आज़म भगत सिंह
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किरणजीत सिंह संधू बताते हैं कि शहीद भगत सिंह का मानना था कि देश सही मायनों में तभी आजाद माना जाएगा जब हर स्तर पर हो रहा भेदभाव, छुआछूत, अमीरी-गरीबी, धर्म, जाति एवं क्षेत्रवाद को एक तरफ कर सिर्फ देश के प्रति समर्पण की भावना हर मन में जागृत होगी।
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bhagat singh
- फोटो : bhagat singh
किरणजीत सिंह संधू कहते हैं कि बेशक कुछ स्वार्थी नेताओं ने शहीदों का नामोनिशां मिटाने की कोशिश की हो, लेकिन शहीद लोगों के दिलों में आज भी राज करते हैं। बता दें कि शहीद भगत सिंह की जन्म तारीख को लेकर लोगों में विरोधाभास है। उनके परिजन 28 सितंबर को ही उनकी जन्म तारीख मानते हैं।