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10 साल की बेटी मां बन गई, जानिए अब उसके मां बाप क्या चाहते हैं?

Sun, 20 Aug 2017 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 20 Aug 2017 09:51 AM IST
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10 year old rape survivor parents demads death sentence for rapist
10 साल की रेप पीड़िता मां बनी
पहले मां बाप चाहते थे कि उनकी 10 साल की बेटी का गर्भपात हो, लेकिन ये संभव नहीं हो सका। पर अब वे कुछ और ही चाहते हैं, जानिए आखिर क्या?

 
10 year old rape survivor parents demads death sentence for rapist
new born baby
पिता बोले, आरोपी को फांसी की सजा हो
दस साल की रेप पीड़िता बच्ची के पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। ताकि दोबारा ऐसी कोई हरकत न कर सके। बच्ची की हालत से परेशान वह इतने टूट चुके हैं कि वह किसी से भी बात नहीं करना चाहते। उनकी पत्नी की भी यही हालत है। वह इस बात से दुखी है कि जिस पर वह विश्वास करते थे, उसी ने उनकी बेटी जिंदगी खराब कर दी।
 
10 year old rape survivor parents demads death sentence for rapist
new born baby
लिंग तक पहचानने के लिए नहीं देखा
डिलीवरी के बाद नवजात के लिंग की पहचान के लिए अस्पताल प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दस साल की बच्ची के पिता ने जन्मे नवजात को अपनाने से इंकार कर दिया था। ऐसी स्थिति में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों को बच्ची दिखाई गई और उन्होंने उसकी गवाही भरी। दरअसल डिलीवरी के बाद जन्मे बच्चे की पहचान के लिए उसके परिजनों को दिखाया जाता है, ताकि बाद में बच्चे के लिंग को लेकर कोई विवाद न हो।
 
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10 year old rape survivor parents demads death sentence for rapist
नवजात शिशु - फोटो : Getty
रेप पीड़िता के मां बाप ने अपनाने से इंकार किया
पीड़िता के पिता ने मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर बच्चे के गोद लेने की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। पत्र में यह भी लिखा है कि बच्ची के भविष्य को देखते हुए वह जन्म लेने वाले बच्चे को स्वीकार नहीं करना चाहता है। उसने यहां तक लिखा कि वह जन्मे बच्चे की शक्ल नहीं देखना चाहता। इस बारे में प्रशासन की ओर से पहले ही बता दिया गया था कि यदि पैरेंट़्स बच्चे को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं तो वे बच्चे के गोद लेने की प्रक्रिया की ओर कदम बढ़ाएंगे।
 
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नवजात शिशु
लिंग तक पहचानने के लिए नहीं देखा
डिलीवरी के बाद नवजात के लिंग की पहचान के लिए अस्पताल प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दस साल की बच्ची के पिता ने जन्मे नवजात को अपनाने से इंकार कर दिया था। ऐसी स्थिति में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों को बच्ची दिखाई गई और उन्होंने उसकी गवाही भरी। दरअसल डिलीवरी के बाद जन्मे बच्चे की पहचान के लिए उसके परिजनों को दिखाया जाता है, ताकि बाद में बच्चे के लिंग को लेकर कोई विवाद न हो।
 
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