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भावुक हो मिल्खा सिंह ने बताई आखिरी हसरत

Tue, 28 Oct 2014 03:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 28 Oct 2014 03:25 AM IST
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भावुक हो मिल्खा सिंह ने बताई आखि‌री हसरत

Emotional Milkha Singh said last wish

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर पूर्व एथलीट मिल्खा सिंह ने भावुक होकर बताई अपनी आखि‌री हसरत। उन्होंने कहा कि, 'मेरे हाथ से 60 साल पहले फिसले ओलंपिक मेडल को देखने की हसरत दिल में ही रह गई। दुख होता है हम इतने साल बाद भी देश की 125 करोड़ आबादी से दूसरा मिल्खा सिंह तैयार नहीं कर सके। मेरी आखिरी हसरत मरने से पहले ओलंपिक का मेडल हाथों में देखने की है।

भावुक हो मिल्खा सिंह ने बताई आखि‌री हसरत

Emotional Milkha Singh said last wish

सोमवार को सेक्टर-23 स्थित बाल भवन में मिल्खा सिंह नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड की ओर से दृष्टिहीन विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। स्क्रीन पर भाग मिल्खा भाग... फिल्म में 1960 में पाकिस्तान में हुई एशियन दौड़ में जीत के सीन को देखकर उनकी आंखों से आंसू टपकने लगे।

भावुक हो मिल्खा सिंह ने बताई आखि‌री हसरत

Emotional Milkha Singh said last wish

मिल्खा सिंह ने कहा कि देश में अच्छे धावक तैयार करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है, लेकिन दूसरा मिल्खा सिंह सिर्फ देश के गांव और गलियों से ही मिलेगा। उन्होंने गेल कंपनी द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

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भावुक हो मिल्खा सिंह ने बताई आखि‌री हसरत

Emotional Milkha Singh said last wish

फ्लाइंग सिख ने कहा कि दुनिया में उन्होंने 80 इंटरनेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और सभी में हिंदी में ही इंटरव्यू या बातचीत की है। मिल्खा ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि अपनी भाषा का आदर करना चाहिए और बोलने में फर्क महसूस हो।

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Emotional Milkha Singh said last wish

मिल्खा ने बताया कि जिंदगी में उन्हें तीन बार रोना पड़ा, पहली बार माता-पिता का साथ छूटने, दूसरी बार ओलंपिक में मेडल हाथ से छूटने और तीसरी बार भाग मिल्खा भाग ..फिल्म देखकर आंखों से खुद ब खुद आंसू निकल पड़ते हैं। 85 वर्षीय मिल्खा ने कहा कि वह आज भी दूसरा मिल्खा तैयार करने के लिए एकेडमी खोलने वालों की हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।

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