फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

राम मंदिर ध्वज: राम मंदिर अयोध्या पर फहराया जाएगा ऐसा ध्वज, जानिए इस पर बने सूर्य और पेड़ का महत्व

Fri, 19 Jan 2024 04:32 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Fri, 19 Jan 2024 04:32 PM IST
विज्ञापन
ram mandir ayodhya flag story of kovidar tree built on flag know the significance and history
Ram Mandir Dhwaj (symbolic image) - फोटो : amar ujala

राम मंदिर ध्वज: अयोध्या में भव्य राम मंदिर लगभग बनकर तैयार है। राम मंदिर के गर्भगृह समेत परिसर के लिए कई मूर्तियां भी बनाई जा रही हैं। वहीं राम मंदिर पर फहराए जाने वाले खास ध्वज को मध्य प्रदेश के रीवा में तैयार किया गया है। इस ध्वज पर सूर्य के साथ खास कोविदार वृक्ष को अंकित किया गया है। आइए जानते हैं कि सूर्य और कोविदार वृक्ष को आखिर इस ध्वज पर स्थान क्यों दिया गया है और यह किस चीज का प्रतीक है? दरअसल सूर्य भगवान राम के वंश (सूर्यवंशी) को दर्शाता है। वहीं माना जाता है कि किसी समय में कोविदार वृक्ष अयोध्या साम्राज्य की शक्ति और संप्रभुता का प्रतीक था। जिस प्रकार बरगद भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है उसी प्रकार कोविदार वृक्ष अयोध्या का राजवृक्ष था।

ram mandir ayodhya flag story of kovidar tree built on flag know the significance and history
Ram Mandir Latest Photos - फोटो : अमर उजाला

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के अयोध्या शोध संस्थान के डायरेक्टर डॉ. लवकुश द्विवेदी ने कोविदार वृक्ष को लेकर शोधकर्ता ललित मिश्रा को देशभर में वाल्मीकि रामायण पर बने चित्रों का अध्ययन करने का निर्देश दिया। साथ ही श्लोकों को अच्छी तरह से परखने को कहा। इस शोध में ये बात सामने आई कि त्रेता युग में अयोध्या साम्राज्य के ध्वज पर कोविदार वृक्ष था। 

ram mandir ayodhya flag story of kovidar tree built on flag know the significance and history
Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला

महाराणा प्रताप के वंशज राणा जगत सिंह ने अपने समय में संपूर्ण वाल्मीकि रामायण पर चित्र बनाए थे। इनमें भरत को सेना सहित चित्रकूट आकर श्री राम को अयोध्या वापस चलने के आग्रह को लेकर भी एक प्रसंग मिलता है। भारद्वाज आश्रम में विश्राम कर रहे भगवान राम शोर सुनकर लक्ष्मण से देखने को कहते हैं। उत्तर से आ रही सेना के रथ पर लगे ध्वज को देख लक्ष्मण समझ गए कि सेना अयोध्या की है। इस ध्वज पर कोविदार का वृक्ष बना था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
ram mandir ayodhya flag story of kovidar tree built on flag know the significance and history
Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला

इसके साथ ही वाल्मीकि रामायण के 96वें सर्ग के 18 वें श्लोक में बताया गया है कि लक्ष्मण जी को सेना के ध्वज का कोविदार वृक्ष दिखाई देता है जिससे वह पहचान लेते हैं कि सेना अयोध्या की ही है। वहीं श्लोक 21 में लक्ष्मण कहते हैं, 'भरत को आने दीजिए। हम उन्हें हरा कर ध्वज को अधीन कर लेंगे।' इस श्लोक से पता चलता है कि उस समय अयोध्या का राजवृक्ष कोविदार का पेड़ था, जिसे ध्वज पर भी अंकित किया गया था।

विज्ञापन
ram mandir ayodhya flag story of kovidar tree built on flag know the significance and history
Bauhinia variegata - फोटो : istock
कई लोगों का मानना है कि ध्वज में बना कोविदार का वृक्ष और कचनार वृक्ष एक ही हैं। हालांकि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश्वर चौबे ने सरकार को प्रस्ताव भेजते हुए इस तथ्य में सुधार करने को कहा है। डॉ. ज्ञानेश्वर ने कोविदार और कचनार वृक्ष को अपने शोध में अलग बताया है
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed