फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कहानी एक हिंदू राजा की: जिन्ना से मिलकर राजस्थान के इस इलाके को पाकिस्तान में कराना चाहते थे विलय

Mon, 12 Apr 2021 01:35 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Mon, 12 Apr 2021 01:35 PM IST
विज्ञापन
Rajasthan Hindu Maharaja Hanwant Singh Who Wanted To Merge In Pakistan And Join Jinnah
हिंदू राजा हनवंत सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

भारत में अंग्रेजों से आजादी का दिन तय होते ही ये बात भी तय हो गई थी कि भारत और पाकिस्तान के भौगोलिक क्षेत्र में आने वाली रियासतों के राजाओं को अपने राज्यों को इन देशों में विलय करना होगा। लेकिन ऐसे कई रियासत थे, जो खुद को विलय करने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे थे। 1947 में जब देश आजाद हुआ था, तो मुगल और अंग्रेजों की शासन पर पकड़ खत्म हो चुकी थी। ऐसे में छोटी-छोटी रियासतों ने फिर से ताकत जुटाना शुरू कर दिया था। कुछ इसी तरह राजस्थान का भारत में विलय की कहानी काफी दिलचस्प है।

Rajasthan Hindu Maharaja Hanwant Singh Who Wanted To Merge In Pakistan And Join Jinnah
राजस्थान का नक्शा - फोटो : सोशल मीडिया

अगर भौगोलिक क्षेत्र के लिहाज से राजस्थान को देखें, तो आजादी के समय पूरे राजस्थान में कुल 22 रियासतें थी। इन रियासतों में से केवल अजमेर (मेरवाड़ा) ब्रिटिश शासन के कब्जे में था, बाकी 21 रियासतें स्थानीय शासकों के अधीन थी। ब्रिटिश सरकार से भारत के आजाद होते ही अजमेर रियासत भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के करारों के मुताबिक खुद-ब-खुद भारत का हिस्सा बन गई।

Rajasthan Hindu Maharaja Hanwant Singh Who Wanted To Merge In Pakistan And Join Jinnah
फ्रीडम एट मिडनाइट किताब - फोटो : Amazon

राजस्थान के शेष 21 रियासतों में ज्यादातर राजाओं की ये मांग थी कि वो खुद का स्वतंत्र राज्य बनाएं। राजाओं का कहना था कि उन्होंने आजादी के लिए संघर्ष किया है और उन्हें शासन चलाने का अच्छा तजुर्बा भी है। ऐसे में उनके राज्यों को स्वतंत्र राज्य के तौर पर भारत में शामिल किया जाए और शासन भी उनके ही अधीन बना रहने दिया जाए। इनमें से एक रियासत जोधपुर भी थी, जिसके शासक अपने रियासत को भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान में विलय करना चाहते थे। इस बात का जिक्र कॉलिंस और डोमिनिक लेपियर की किताब फ्रीडम एट मिडनाइट में विस्तार से किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Rajasthan Hindu Maharaja Hanwant Singh Who Wanted To Merge In Pakistan And Join Jinnah
मोहम्मद अली जिन्ना - फोटो : Facebook/Ali Moeen Nawazish

मोहम्मद अली जिन्ना भी जोधपुर (मारवाड़) को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे। वहीं जोधपुर के शासक हनवंत सिंह कांग्रेस के विरोध और अपनी सत्ता स्वतंत्र अस्तित्व की महत्वाकांक्षा में पाकिस्तान में शामिल होना चाहते थे। अगस्त 1947 में हनवंत सिंह धौलपुर के महाराजा तथा भोपाल के नवाब की मदद से जिन्ना से मिले। हनवंत सिंह की जिन्ना से बंदरगाह की सुविधा, रेलवे का अधिकार, अनाज तथा शस्रों के आयात आदि के विषय में बातचीत हुई। जिन्ना ने उन्हे हर तरह की शर्तों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

विज्ञापन
Rajasthan Hindu Maharaja Hanwant Singh Who Wanted To Merge In Pakistan And Join Jinnah
महाराजा हनवंत सिंह और उनकी पत्नी - फोटो : सोशल मीडिया

भोपाल के नवाब के प्रभाव में आकर हनवंत सिंह ने उदयपुर के महाराणा से भी पाकिस्तान में सम्मिलित होने का आग्रह किया। लेकिन उदयपुर ने हनवंत सिंह के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि एक हिंदू शासक हिंदू रियासत के साथ मुसलमानों के देश में शामिल नहीं होगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed