{"_id":"5c499805bdec2273816658d8","slug":"kumbh-2019-who-is-khooni-naga-secret-of-their-name","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कौन होते हैं खूनी नागा, क्या है इनके नाम के पीछे का रहस्य?","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
कौन होते हैं खूनी नागा, क्या है इनके नाम के पीछे का रहस्य?
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: shubham
Updated Thu, 24 Jan 2019 04:21 PM IST
विज्ञापन
1 of 8
naga sadhu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
प्रयागराज कुंभ में इस समय नागा साधुओं का जमघट लगा हुआ है। आमतौर पर लोगों को नागा साधुओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है, क्योंकि उनकी दुनिया ही रहस्यमयी होती है। जो लोग अखाड़ों के बारे में नहीं जानते, उन्हें यह जान हैरानी हो सकती है कि नागा साधु कई प्रकार के होते हैं। खूनी नागा, खिचड़ी नागा, बर्फानी नागा, नागाओं को लेकर ऐसा तमाम शब्द प्रचलित हैं जो श्रद्धालुओं को हैरान करते हैं।
2 of 8
Naga Sadhu
खूनी नागा शब्द आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर खूनी नागा कौन होते हैं और इनके नाम का रहस्य क्या है? इससे पहले हम आपको ये बता दें कि नागा साधु आखिर बनते कैसे हैं?
3 of 8
kumbh photo 2019
दरअसल, नागा साधु बनने की प्रक्रिया किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होती है। किसी भी अखाड़े में प्रवेश के बाद पहले 3 साल उन्हें महंतों की सेवा में बिताने पड़ते हैं, ताकि वो अखाड़ों के नियमों को समझ सकें। इसके साथ ही उनके ब्रह्मचर्य की भी परीक्षा ली जाती है। इसमें सफल होने के बाद उनका मुंडन कराया जाता है और फिर क्षिप्रा नदी में 108 बार डुबकी लगानी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 8
kumbh photo 2019
नागा साधुओं को अखाड़ों में भस्म, भगवा और रुद्राक्ष जैसी 5 चीजें धारण करने को दी जाती हैं। इसके अलावा उन्हें संन्यासी के तौर पर अपना सारा जीवन व्यतीत करने की भी शपथ दिलाई जाती है। ये सारी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद नागा साधु अखाड़ों को छोड़कर पहाड़ों पर या जंगल में चले जाते हैं और वहीं पर रहकर अपनी साधना करते हैं।
विज्ञापन
5 of 8
kumbh photo 2019
अखाड़ों के बीच मान्यता है कि इलाहाबाद के कुंभ में नागा बनने वाले संन्यासियों को राजयोग मिलता है। शायद इसीलिए उन्हें राजराजेश्वर नागा कहते हैं। वहीं, हरिद्वार के कुंभ में नागा बनने वाले संन्यासियों को ‘बर्फानी’ नागा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि हरिद्वार चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है और कुंभ के अन्य आयोजन स्थलों के मुकाबले हरिद्वार में ठंड ज्यादा पड़ती है। इसलिए वहां नागा बनने वाले संन्यासी शांत प्रवृत्ति के होते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।