कैब में नहीं बैठे, फिर भी कटते रहे पैसे! बिल देखकर यात्री के पैरों तले खिसकी जमीन
Viral: महिपालपुर से यशोभूमि तक 6 घंटे और 60 किलोमीटर का ओला रेंटल पैकेज 1,285 रुपये में बुक किया गया था। लेकिन यात्रा खत्म होने पर बिल 5,662 रुपये पहुंच गया, जिसमें 240.5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी जोड़ी गई थी। यात्रियों का कहना है कि उस दौरान वे एग्जिबिशन में मौजूद थे।
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कैब बुक करते समय ऐप पर किराया देखकर लोग यही सोचते हैं कि आखिर में करीब-करीब उतना ही बिल आएगा। लेकिन दिल्ली के महिपालपुर से सामने आए एक मामले ने यात्रियों को हैरान कर दिया। यहां 1,285 रुपये में बुक की गई ओला रेंटल का बिल बढ़कर 5,662 रुपये पहुंच गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बिल में 240.5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी जोड़ दी गई, जबकि यात्री उस दौरान यशोभूमि में एग्जिबिशन अटेंड कर रहे थे। एक यात्री ने अपनी आपबीती शेयर की। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने सुबह 10 बजे महिपालपुर के एक होटल से 6 घंटे और 60 किलोमीटर का रेंटल पैकेज बुक किया था। उस समय ओला ऐप पर बेस फेयर 1,285 रुपये दिखाया गया था।
महिपालपुर से यशोभूमि पहुंची कैब
कैब ने यात्रियों को महिपालपुर से पिक किया और यशोभूमि एग्जिबिशन सेंटर पहुंचाया। यात्री वहां एक एग्जीबिशन में शामिल होने के लिए दोपहर 3:45 बजे तक रुके रहे। इसके बाद वे यशोभूमि से सीधे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद जब उन्होंने ओला ऐप खोला तो उनके होश उड़ गए। कुल बिल 5,662 रुपये दिख रहा था। इसमें 240.5 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा का भारी चार्ज भी शामिल था। यात्रियों का कहना था कि जिस दौरान इतनी दूरी तय होने का हिसाब लगाया गया, उस वक्त वे यशोभूमि में एग्जिबिशन अटेंड कर रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि उनकी गैरमौजूदगी में कैब इतनी दूर आखिर कैसे चली?
मदद के लिए इंटरनेट पर मांगी सलाह
यात्रियों ने तुरंत ओला कस्टमर केयर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वीकेंड होने की वजह से उन्हें किसी इंसान से मदद नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने ड्राइवर और कैब नंबर की जानकारी के साथ इंटरनेट पर लोगों से सलाह मांगी।
क्या है रेंटल कैब का मामला?
सोशल मीडिया यूजर्स और कैब सर्विस से जुड़े जानकारों के मुताबिक, रेंटल कैब में इस तरह का मामला तब हो सकता है, जब यात्री किसी इवेंट में घंटों व्यस्त हों और ड्राइवर कैब को पार्किंग में खड़ी रखने के बजाय शहर में कहीं और लेकर चला जाए। रेंटल बुकिंग का टाइमर चालू रहने पर गाड़ी के चले हुए अतिरिक्त किलोमीटर ग्राहक के बिल में जुड़ सकते हैं।
कैसे बचें ऐसे मामलों से?
ऑनलाइन कम्युनिटी ने यात्रियों को कुछ आसान तरीके बताए हैं। अगर गलत बिल आए तो फोन की गूगल टाइमलाइन का स्क्रीनशॉट सबूत के तौर पर रखा जा सकता है। इससे यह दिखाया जा सकता है कि यात्री उस समय एक ही जगह मौजूद था। इसके अलावा ओला सपोर्ट को एक्स पर ट्रिप आईडी और स्क्रीनशॉट के साथ टैग किया जा सकता है। वहीं, ऐप के सामान्य हेल्प सेक्शन से मदद न मिलने पर सपोर्ट एंड सेफ्टी विकल्प का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। रेंटल कैब से कहीं उतरते समय गाड़ी के ओडोमीटर की फोटो लेना भी फायदेमंद हो सकता है। वापस आने पर इससे पता चल सकता है कि आपकी गैरमौजूदगी में कैब कितने किलोमीटर चली।