छपरा के एकमा थानाक्षेत्र के भुईली गांव में दशहरा मेला के दौरान एक हाथी बेकाबू हो गया, जब उसने सफेद रंग की गाड़ी देखी। हाथी ने लगभग एक घंटे तक मेला में जमकर उत्पात मचाया, जिसमें दो चार पहिया वाहन और तीन दोपहिया वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। घटना से मेले में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
Bihar News: दशहरा मेले में भड़का हाथी, दो कारों समेत पांच वाहनों को ध्वस्त किया, जान बचाने को इधर-उधर भागे लोग
Bihar News: दशहरा मेले में भड़का हाथी, दो कारों समेत पांच वाहनों को ध्वस्त किया, जान बचाने को इधर-उधर भागे लोग
Chhapra: furious elephant destroyed 5 vehicles including 2 cars at Dussehra fair people ran away to save lives
कैसे हुआ हादसा?
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित जुलूस में शामिल होने के लिए हाथी को लाया गया था। सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था और हाथी मस्ती में झूमते हुए आगे बढ़ रहा था। लेकिन जैसे ही उसने सफेद रंग की एक कार देखी और भीड़ का शोर सुना, वह अचानक भड़क गया।
फिर हाथी ने बेकाबू होते ही मेले के मुख्य मार्ग पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। एक घंटे में उसने दो कारों और तीन मोटरसाइकिलों को बुरी तरह से कुचल दिया। साथ ही हाथी ने आसपास के दुकानों में रखे सामानों को भी नुकसान पहुंचाया। अफरा-तफरी के बीच कई लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, जबकि स्थानीय पुलिस और मेले के आयोजकों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
हालांकि, हाथी के महावत और अन्य महावतों की मदद से हाथी पर काबू पाया गया। अन्य जानवरों जैसे ऊंट और अन्य हाथियों के सहारे, महावतों ने हाथी को भीड़ से दूर हटाने का प्रयास किया। अंततः हाथी को एक पास के सुनसान बगीचे में ले जाया गया, जहां उसे पेड़ से बांधकर शांत किया गया।
वन विभाग की जांच
घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और हाथी की स्थिति का मुआयना किया। वन विभाग के अधिकारी हाथी के भड़कने के कारणों की जांच करने लगे। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
मेले में अफरा-तफरी और शांति बहाल
हाथी के उत्पात से मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन स्थानीय पुलिस और मेले के आयोजकों ने भीड़ को नियंत्रित किया और स्थिति को जल्द से जल्द शांत करने का प्रयास किया। घटना के बावजूद मेले का आयोजन बाद में शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया।
यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए भयावह साबित हुई, हालांकि राहत की बात यह है कि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने सावधानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके।