होली का त्योहार खत्म होते ही राजगीर एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हो उठा है। प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के कारण देशी ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की भीड़ भी यहां उमड़ पड़ी है। खासकर नेचर सफारी और जू सफारी इन दिनों सबसे बड़े आकर्षण केंद्र बने हुए हैं। लेकिन बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित व्यवस्थाएं पर्यटकों के उत्साह को फीका कर रही हैं।
Bihar: नेचर और जू सफारी में भीड़ के कारण बढ़ी परेशानी, तकनीकी खराबी-सुविधाओं की कमी से पर्यटक हो रहे मायूस
Rajgir News: पर्यटकों का कहना है कि मुख्य आकर्षणों में शामिल बड़ा सस्पेंशन ब्रिज रखरखाव के नाम पर बंद पड़ा है। वहीं, ग्लास ब्रिज पर पर्यटकों को महज कुछ ही क्षण रुकने दिया जाता है, जिससे अनुभव अधूरा रह जाता है। पढ़ें पूरी खबर...।
मुख्य आकर्षण बंद, सुविधाएं न के बराबर
नेचर सफारी के अंदर प्रवेश पाने में घंटों इंतजार करने के बावजूद पर्यटक अंदर जाकर भी संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं। पर्यटकों का कहना है कि मुख्य आकर्षणों में शामिल बड़ा सस्पेंशन ब्रिज रखरखाव के नाम पर बंद पड़ा है। वहीं, ग्लास ब्रिज पर पर्यटकों को महज कुछ ही क्षण रुकने दिया जाता है, जिससे अनुभव अधूरा रह जाता है।
छपरा से आए पर्यटक हेमंत कुमार ने बताया कि टिकट लेने में ही तीन घंटे लग गए। अंदर जाकर देखा तो सस्पेंशन ब्रिज बंद है और ग्लास ब्रिज पर गार्ड लगातार जल्दी-जल्दी उतरने की आवाज लगाते रहते हैं। जब इतनी भीड़ है तो वीआईपी टिकटों को आम लोगों को उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा रहा, जो रात से कतार में खड़े हैं?
जू सफारी में भी शिकायतें, खाने-पीने की चीजें महंगी
नेचर सफारी ही नहीं, जू सफारी में भी पर्यटकों को निराशा हाथ लग रही है। कई पर्यटकों ने बताया कि अंदर वन्यजीवों की संख्या बेहद कम है, जिसके कारण पूरा अनुभव अधूरा रह जाता है। इसके अलावा, जू सफारी में मौजूद कैफेटेरिया में खाने-पीने की वस्तुएं बाजार से लगभग दोगुने दाम पर बेची जा रही हैं, जिससे आम पर्यटक आर्थिक रूप से भी असहज महसूस कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- Bihar News:पेड़ से लटका मिला दुकानदार का शव, इलाके में सनसनी; गुस्साए लोगों ने जाम किया एनएच-22
प्रशासन ने कहा- जल्द होंगे सुधार
पर्यटकों की शिकायतों के बाद वन विभाग के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) राजकुमार ने सफाई देते हुए कहा कि मेंटेनेंस के कारण सस्पेंशन ब्रिज फिलहाल बंद है। इसकी मरम्मत के लिए कोलकाता से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। अगले 15 दिनों में मरम्मत कार्य पूरा कर ब्रिज को फिर से चालू कर दिया जाएगा।
‘या तो सुविधाएं बढ़ें या टिकट सस्ते हों’
भीड़ और अव्यवस्था से परेशान पर्यटकों की मांग है कि या तो टिकट की कीमतों में कटौती की जाए या फिर अंदर की सुविधाओं में व्यापक सुधार किया जाए। पटना से आए निशांत कुमार ने कहा कि हम आम लोग हैं। इतनी मेहनत से टिकट लेकर आते हैं, लेकिन अनुभव संतोषजनक नहीं होता। टिकट के दाम के हिसाब से सुविधा नहीं मिल रही है।